
राजस्थान | राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू के प्रवेश द्वार पर चामुंडा माता का पवित्र मंदिर स्थित है, जिसे स्थानीय लोग मुखरी माता के नाम से भी जानते हैं। यह मंदिर न सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता के कारण भी प्रसिद्ध है।
चामुंडा माता का ऐतिहासिक महत्व
मान्यता है कि चामुंडा माता मंदिर का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना है। यह मंदिर शक्ति स्वरूपा देवी को समर्पित है, जो भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। स्थानीय किंवदंतियों के अनुसार, माता की यह मूर्ति स्वयंभू है, यानी यह प्राकृतिक रूप से प्रकट हुई थी।
मुखरी माता नाम की उत्पत्ति
चामुंडा माता को मुखरी माता नाम से भी जाना जाता है, जिसका अर्थ होता है 'मुख' या 'मुख्य देवी'। ऐसा कहा जाता है कि यह मंदिर माउंट आबू आने वाले यात्रियों के लिए सबसे पहला पड़ाव होता है, जहां वे माता के दर्शन कर अपनी यात्रा शुभ बनाते हैं।
मंदिर प्राकृतिक गुफा के अंदर स्थित है, जिससे इसका आध्यात्मिक महत्व और बढ़ जाता है।
यहां से माउंट आबू के खूबसूरत नज़ारे देखने को मिलते हैं, जो भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करते हैं।
नवरात्रि और विशेष पर्वों के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।
मंदिर परिसर में हर दिन विशेष आरती और भोग का आयोजन किया जाता है।
कैसे पहुंचे?
चामुंडा माता मंदिर माउंट आबू के प्रवेश द्वार के पास स्थित है और सड़क मार्ग से आसानी से पहुंचा जा सकता है। नजदीकी रेलवे स्टेशन अबू रोड है, जो माउंट आबू से लगभग 28 किमी दूर है।
यह मंदिर आस्था और प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत संगम है, जो हर भक्त और पर्यटक को अपनी ओर आकर्षित करता है।





