
चूरू (राजस्थान): जिस अस्पताल में लोग इलाज और सुरक्षा की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं, वहीं एक महिला हादसे का शिकार हो गई। राजस्थान के चूरू जिले के सुजानगढ़ स्थित सरकारी फतेहपुरिया मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल में बुधवार को एक महिला के सिर पर अचानक बरामदे की छत का हिस्सा गिर गया। घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पूरी घटना अस्पताल में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 5 अगस्त को दोपहर करीब 1:18 बजे हुई। सुजानगढ़ के गुलेरिया इलाके की रहने वाली 25 वर्षीय किरण मेघवाल अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत लेकर सरकारी फतेहपुरिया मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल पहुंची थी। इलाज कराने के बाद जब वह अस्पताल से बाहर निकल रही थी, तभी यह हादसा हुआ।
बताया जा रहा है कि किरण अस्पताल के बरामदे के मुख्य प्रवेश द्वार के पास खड़ी थी। इसी दौरान अचानक छत से कंक्रीट का प्लास्टर और सीमेंट का बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। गिरा हुआ मलबा सीधे महिला के सिर पर लगा, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ी।
घटना के तुरंत बाद अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाई। उन्होंने घायल महिला को तुरंत संभाला और उसे दोबारा अस्पताल के अंदर ले जाकर इलाज उपलब्ध कराया। प्राथमिक उपचार के दौरान डॉक्टरों ने उसके सिर की चोट की जांच की।
बताया जा रहा है कि हादसे में महिला के सिर पर गंभीर चोट आई और उसे दो टांके लगाने पड़े। हालांकि, समय पर इलाज मिलने के कारण उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी मामले की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू की।
CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि महिला बरामदे के पास खड़ी थी, तभी अचानक ऊपर से छत का हिस्सा टूटकर गिर गया। कुछ ही सेकंड में हुई इस घटना से आसपास मौजूद लोग भी घबरा गए। हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों ने तुरंत महिला की मदद की।
राजस्थान के चुरू जिले में एक महिला मरीज अपना इलाज कराने सरकारी अस्पताल में आई थी। डॉक्टर तो बाद में देखते, पहले ऊपर से मौत आने को तैयार थी। pic.twitter.com/Rx09Vgpqbl
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 5, 2026
किरण मेघवाल के बारे में बताया गया कि वह पास की एक निजी मेडिकल दुकान में काम करती है। वह सामान्य स्वास्थ्य समस्या को लेकर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन इलाज के बाद बाहर निकलते समय वह भवन की खराब स्थिति के कारण हादसे का शिकार हो गई।
इस घटना ने सरकारी अस्पतालों की इमारतों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर मरीजों और उनके परिजनों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में भवन के रखरखाव में लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों की पुरानी इमारतों की नियमित जांच और मरम्मत जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। लोगों ने मांग की है कि अस्पताल प्रशासन को भवन की स्थिति का निरीक्षण कर कमजोर हिस्सों की तुरंत मरम्मत करानी चाहिए।
अस्पताल प्रशासन की ओर से अब तक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना के बाद सुरक्षा पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि भवन के प्रभावित हिस्से का निरीक्षण कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विशेषज्ञों के अनुसार, अस्पतालों में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज, बच्चे, बुजुर्ग और उनके परिजन आते हैं। ऐसे स्थानों पर छोटी सी भी लापरवाही गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। इसलिए भवन की मजबूती, बिजली व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और अन्य सुविधाओं की नियमित जांच जरूरी है।
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में बेहतर सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर लगातार जोर दिया जा रहा है। मरीज अस्पताल में भरोसे के साथ पहुंचते हैं, इसलिए वहां का सुरक्षित वातावरण बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है।
फिलहाल घायल महिला का इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं, अस्पताल प्रशासन और संबंधित विभाग से उम्मीद की जा रही है कि इस घटना के बाद भवन सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में किसी अन्य मरीज या कर्मचारी को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।





