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Jaipur जयपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के हालिया संबोधन की प्रतिक्रियाएं राजनीतिक गलियारों में तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौर ने भागवत के संदेश की सराहना करते हुए इसे “सामाजिक समरसता का मार्गदर्शक” बताया। मदन राठौर ने मीडिया से बातचीत में कहा, “जिस प्रकार मैं अपने लिए कुछ महसूस करता हूँ, वैसी ही भावनाएँ दूसरे के मन में भी होती हैं। इसलिए हमें उनके लिए भी त्याग करना चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जो सबके हित में हो।” उन्होंने कहा कि मोहन भागवत का संदेश केवल संघ कार्यकर्ताओं के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक है।
राठौर ने बताया कि वर्तमान समय में सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों के बीच सामंजस्य, संवेदनशीलता और सामूहिक सोच की जरूरत पहले से कहीं अधिक है। भागवत ने अपने संबोधन में समाज में समता, सौहार्द और परस्पर सहयोग की भावना को मजबूत करने की बात कही थी, जिसे राठौर ने “राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण सूत्र” बताया। बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि भागवत के भाषण में यह स्पष्ट संदेश था कि हर नागरिक को अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों को भी पूरी तरह समझना चाहिए। “समाज तभी आगे बढ़ता है जब हर व्यक्ति अपना योगदान दे। अगर हम सिर्फ अपने लिए सोचें तो संतुलन बिगड़ता है। त्याग और परस्पर सहयोग से ही विकास संभव है,” उन्होंने कहा।
राठौर ने आगे कहा कि राजस्थान सहित पूरे देश में बीजेपी सरकारें जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देती हैं और ऐसे संदेश उन्हें और अधिक संवेदनशील तथा जिम्मेदार बनाते हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी समाज की विविधता और भावनाओं को साथ लेकर चलने के सिद्धांत पर काम करती है, जिसमें संघ के विचारों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि भागवत के संबोधन और राठौर की प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब देश में सामाजिक और राजनीतिक बहसें तेज हैं। ऐसे में यह संदेश समावेशिता और सामूहिकता को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। कुल मिलाकर, मदन राठौर ने मोहन भागवत की बातों को समाज के लिए प्रेरक बताते हुए त्याग और व्यवस्था की भावना को आगे बढ़ाने की अपील की है।
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