राजस्थान

राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का दावा 204 निकायों में बनाए बोर्ड

Ratna Netam
30 Sept 2026 8:31 PM IST
राजस्थान निकाय चुनाव में BJP का दावा 204 निकायों में बनाए बोर्ड
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जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने बुधवार को बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा में शहरी स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भारतीय जनता पार्टी के प्रदर्शन पर पार्टी कार्यकर्ताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने राज्यभर के 204 शहरी स्थानीय निकायों में अपने बोर्ड बनाए हैं और इसे पार्टी संगठन तथा कार्यकर्ताओं की मेहनत का परिणाम बताया। उपलब्ध चुनावी रिपोर्टों के मुताबिक भाजपा ने 10 नगर निगमों में से 9 में अपने मेयर या बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की, जबकि कुल शहरी स्थानीय निकायों में उसके बोर्डों की संख्या 204 तक पहुंची।
मुख्यमंत्री ने इस प्रदर्शन को “ऐतिहासिक जीत” बताया। यह उनका राजनीतिक आकलन है। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टी संगठन ने बूथ स्तर से लेकर प्रदेश नेतृत्व तक समन्वित तरीके से काम किया और कार्यकर्ताओं ने लगातार लोगों से संपर्क बनाए रखा। उनके मुताबिक मतदाताओं ने राज्य सरकार के विकास कार्यों और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे कामों को समर्थन दिया।
बाड़मेर जिले के नतीजों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने दोनों प्रमुख स्थानीय निकायों में बोर्ड बनाया है और करीब 15 साल के बाद वहां पार्टी को यह सफलता मिली है। उन्होंने चौहटन में कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी वहां अपना खाता नहीं खोल सकी। हालांकि चुनावी नतीजों को लेकर मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी पार्टी के राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
जैसलमेर में भी भाजपा ने कई वर्षों के अंतराल के बाद बोर्ड बनाया। मुख्यमंत्री ने इसे पश्चिमी राजस्थान में पार्टी संगठन के विस्तार से जोड़ा। जैसलमेर लंबे समय से अलग-अलग राजनीतिक दलों के बीच मुकाबले वाला क्षेत्र रहा है और स्थानीय निकाय स्तर पर बोर्ड गठन को आने वाले चुनावी समीकरणों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बालोतरा जिले में भाजपा का प्रदर्शन अपेक्षाकृत मजबूत रहा। जिले के सातों शहरी निकायों में भाजपा ने बोर्ड बनाने में सफलता हासिल की। इससे पहले घोषित वार्ड नतीजों में भी भाजपा ने जिले की 185 सीटों में से 105 वार्ड जीते थे, जबकि कांग्रेस को 62 और निर्दलीयों को 18 सीटें मिली थीं। इन नतीजों ने बाद में बोर्ड गठन में भाजपा को बढ़त दिलाई।
राज्य के व्यापक शहरी निकाय चुनावों में भाजपा ने शुरुआती वार्ड परिणामों के बाद कई जगह निर्दलीय पार्षदों और दूसरे निर्वाचित सदस्यों के समर्थन से बोर्ड बनाए। राज्य चुनाव आयोग के शुरुआती परिणामों में भाजपा को 10 नगर निगमों में से चार में स्पष्ट बहुमत मिला था, जबकि कांग्रेस ने बीकानेर नगर निगम जीता और कुछ जगह निर्दलीय निर्णायक भूमिका में रहे। बाद की मेयर और बोर्ड गठन प्रक्रिया में भाजपा ने 9 नगर निगमों में अपना नेतृत्व स्थापित किया।
पूरे राज्य के स्थानीय निकायों को मिलाकर भाजपा ने 204 बोर्ड बनाए, जबकि कांग्रेस 96 निकायों में बोर्ड बनाने में सफल रही। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि कई स्थानों पर अंतिम राजनीतिक तस्वीर केवल वार्डों की सीधी जीत से नहीं, बल्कि बोर्ड गठन के दौरान हुए समर्थन और गठजोड़ से तय हुई।
मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि चुनावी सफलता के बाद उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है। उन्होंने चुने गए जनप्रतिनिधियों से स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने और नगर निकायों में विकास कार्यों को गति देने की अपेक्षा जताई। उनका कहना था कि जनता की ओर से मिला समर्थन सेवा और जवाबदेही की जिम्मेदारी भी लेकर आता है।
मुख्यमंत्री ने अपने बयान में राज्य सरकार की विकास नीतियों को भी निकाय चुनाव परिणामों से जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि शहरी बुनियादी ढांचे, सड़क, पेयजल, स्वच्छता और अन्य स्थानीय सेवाओं को लेकर सरकार की योजनाओं को जनता का समर्थन मिला है। यह दावा सत्तारूढ़ दल का राजनीतिक निष्कर्ष है; चुनाव परिणामों में स्थानीय उम्मीदवारों, स्वतंत्र प्रत्याशियों, संगठनात्मक स्थिति और स्थानीय मुद्दों सहित कई कारक असर डालते हैं।
निकाय चुनावों में भाजपा ने राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भी कई बोर्ड बनाए। बांसवाड़ा, डूंगरपुर और प्रतापगढ़ के नौ शहरी निकायों में पार्टी सात जगह बोर्ड बनाने में सफल रही। इससे भाजपा ने उन इलाकों में अपनी स्थानीय संगठनात्मक उपस्थिति बढ़ाई, जहां कांग्रेस और भारत आदिवासी पार्टी जैसी पार्टियां भी सक्रिय हैं।
नगर निगम स्तर पर जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा और कोटा सहित कई शहरों में भाजपा के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की। बीकानेर में कांग्रेस ने अपना मेयर बनाया। कुछ नगर निगमों में किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण निर्दलीय पार्षदों का समर्थन बोर्ड गठन में निर्णायक रहा।
मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र भरतपुर में भी वार्ड नतीजों के बाद राजनीतिक समीकरणों में निर्दलीय पार्षद महत्वपूर्ण भूमिका में रहे। बोर्ड गठन की प्रक्रिया ने यह दिखाया कि कई स्थानीय निकायों में वार्ड जीत और अंतिम बोर्ड गठन के आंकड़े एक जैसे नहीं रहे।
भजन लाल शर्मा ने पार्टी संगठन, स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा के प्रदर्शन के लिए विशेष बधाई दी। उन्होंने कहा कि संगठन के अलग-अलग स्तरों पर किए गए काम और चुनाव प्रचार में कार्यकर्ताओं की सक्रियता ने पार्टी को लाभ पहुंचाया।
वहीं विपक्षी कांग्रेस ने कुछ जगहों पर चुनावी प्रक्रिया और प्रशासन की निष्पक्षता को लेकर सवाल भी उठाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हाल में अधिकारियों के कथित हस्तक्षेप को लेकर सरकार की आलोचना की थी। ये विपक्ष के आरोप हैं और राज्य सरकार ने उन्हें स्वीकार नहीं किया है।
फिलहाल राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के बाद अधिकांश जगहों पर बोर्ड गठन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। भाजपा 204 निकायों में बोर्ड बनाकर सबसे आगे है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा इसे अपनी सरकार और संगठन के प्रति जनसमर्थन के रूप में पेश कर रहे हैं, जबकि आने वाले समय में इन निकायों का प्रदर्शन ही तय करेगा कि स्थानीय स्तर पर मतदाताओं की अपेक्षाओं को किस हद तक पूरा किया जाता है।
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