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Rajasthan राजस्थान: राज्य के श्रमिक कल्याण विभाग ने राजस्थान में श्रमिकों के लिए चल रही योजना की पांच महीने की प्रगति की समीक्षा के लिए एक बैठक का आयोजन किया। इस अवसर पर मंत्री सुमित गोदारा ने बताया कि समीक्षा बैठक में पूरे राज्य के 41.3 जिलों की गतिविधियों का जायजा लिया गया, जिसमें उनका अपना जिला भी शामिल था। मंत्री सुमित गोदारा ने कहा कि यह योजना श्रमिकों के कल्याण और उनके जीवन में स्थायित्व लाने के लिए संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच महीनों में योजना का लाभ राज्य के कुल 4.318 मिलियन श्रमिकों तक पहुंचा है। इस योजना के तहत लगभग ₹840 करोड़ मूल्य के गेहूं की बचत हुई है, जो सीधे तौर पर योजना की प्रभावशीलता और संचालन में पारदर्शिता को दर्शाता है।
गोदारा ने आगे कहा कि योजना में अब तक 2.7 मिलियन श्रमिकों का नामांकन हो चुका है, जिससे न केवल लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि हुई है बल्कि योजना के वितरण में भी पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है। उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम और ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया के कारण योजना के अंतर्गत सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है। बैठक में विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और योजना के क्रियान्वयन में सामने आने वाली चुनौतियों और उनके समाधान पर चर्चा की। मंत्री गोदारा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे श्रमिकों के हितों और उनकी समस्याओं को प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी कहा कि योजना का उद्देश्य केवल राशन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे श्रमिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनकी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
मंत्री ने यह भी बताया कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों की पहचान के लिए आधार कार्ड और अन्य प्रमाण-पत्रों का उपयोग किया जा रहा है। इससे योजना में दुरुपयोग की संभावना कम हुई है और वास्तविक जरूरतमंद श्रमिकों तक सहायता पहुंचाई जा रही है। बैठक में योजना के विस्तार की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि भविष्य में योजना को और अधिक व्यापक बनाने के लिए तकनीकी सुधार और नई पहल की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि उन्हें समय-समय पर योजना की प्रगति का विवरण जनता के साथ साझा करना चाहिए, ताकि योजना की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।
गोदारा ने यह भी उल्लेख किया कि इस योजना के माध्यम से न केवल आर्थिक बचत हुई है बल्कि इससे राज्य के सार्वजनिक वितरण प्रणाली में भी सुधार आया है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना में लाभार्थियों की संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए। अंत में मंत्री सुमित गोदारा ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत की सराहना की और कहा कि यह योजना राजस्थान के श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाले महीनों में योजना और अधिक प्रभावी होगी और राज्य के श्रमिकों को अधिकतम लाभ मिलेगा।
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