Bikaner: स्थापना दिवस पर हवन और शोभायात्रा, बिश्नोई धर्म में उत्सव

बीकानेर: अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के तत्वावधान में इस बार 541वां बिश्नोई धर्म स्थापना दिवस गुरू जम्भेश्वर भगवान मंदिर प्रांगण मुक्तिधाम मुकाम में 13 अक्टूबर की शाम जागरण सत्संग समाज के विद्वान संत महात्माओं द्वारा होगा। 14 अक्टूबर की सुबह 8 बजे मुक्तिधाम मुकाम से संतो के सान्निध्य में शोभा यात्रा समराथल धोरा जाएगी। समराथल धोरा पर संत महात्माओं द्वारा अमृतवाणी से हवन यज्ञ अमृत पाहल किया जायेगा। समराथल धोरा पर सभी पाहल ग्रहण कर गुरू जम्भौजी के द्वारा प्रतिपादित उन्नतीस नियमों सद्उपदेश की पालना का संकल्प लेगें।
आज से 540 वर्ष पहले विक्रम सम्वत् 1542 की कार्तिक बदी अष्टमी के दिन गुरू जम्भेश्वर भगवान ने समराथल धोरा पर उन्नतीस नियमों की आचार संहिता प्रदान कर बिश्नोई धर्म का प्रवर्तन किया। सद्उपदेश देकर के जिन्होंने उन्नतीस नियम माने उनको बिश्नोई बनाया। आज के इस आधुनिक भौतिक चका चौंध के युग में उन्नतीस नियम मानव मात्र जीव जंतु प्रकृति पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण हैं। 541वें बिश्नोई धर्म स्थापना दिवस पर समस्त भारतवर्ष से बिश्नोई समाज के हजारों श्रद्धालुगण आएंगे।





