राजस्थान
Bikaner: महान् पुरातत्ववेत्ता, शोधार्थी, संपादक व बहुभाषाविद् थे डॉ. तैस्सितोरी- केवलिया
Tara Tandi
22 Nov 2024 5:03 PM IST

x
Bikaner बीकानेर । राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी की ओर से राजस्थानी भाषा-संस्कृति के महान् साधक डॉ. एल. पी. तैस्सितोरी की पुण्यतिथि पर उनके समाधि-स्थल पर शुक्रवार को पुष्पांजलि अर्पित की गई। अकादमी कार्मिकों द्वारा डॉ. तैस्सितोरी के कृतित्व से प्रेरणा लेकर मायड़ भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए पूर्ण निष्ठा से कार्य करने का संकल्प लिया गया।
इस अवसर पर अकादमी सचिव शरद केवलिया ने कहा कि पुरातत्ववेत्ता, शोधार्थी, संपादक व बहुभाषाविद् डॉ. तैस्सितोरी ने राजस्थानी भाषा, साहित्य, संस्कृति के संवर्द्धन-संरक्षण के लिये अविस्मरणीय योगदान दिया। उन्होंने भारत व यूरोप के मध्य सांस्कृतिक, साहित्यिक व भाषिक सेतु के रूप में कार्य किया। डॉ. तैस्सितोरी का बहुआयामी व्यक्तित्व था, उन्होंने बीकानेर आकर इस क्षेत्र का ऐतिहासिक सर्वेक्षण किया व अमूल्य प्राचीन ग्रंथों, प्रतिमाओं आदि की खोज की। इस अवसर पर अकादमी कार्मिकों ने डॉ. तैस्सितोरी की समाधि पर पुष्प अर्पित किये व मोमबत्तियां जलाईं। इस दौरान श्रीनिवास थानवी, केशव जोशी, कानसिंह, मनोज मोदी उपस्थित थे।
TagsBikaner महान् पुरातत्ववेत्ताशोधार्थीसंपादक बहुभाषाविद्डॉ. तैस्सितोरी- केवलियाBikaner great archaeologistresearchereditor polyglotDr. Taissitori-Kevaliyaजनता से रिश्ता न्यूज़जनता से रिश्ताआज की ताजा न्यूज़हिंन्दी न्यूज़भारत न्यूज़खबरों का सिलसिलाआज की ब्रेंकिग न्यूज़आज की बड़ी खबरमिड डे अख़बारJanta Se Rishta NewsJanta Se RishtaToday's Latest NewsHindi NewsIndia NewsKhabron Ka SilsilaToday's Breaking NewsToday's Big NewsMid Day Newspaperजनताjantasamachar newssamacharहिंन्दी समाचार
Next Story





