राजस्थान

रिश्वतखोरी का बड़ा मामला: एसीबी ने 3.5 लाख रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा

SHIDDHANT
26 Aug 2025 11:34 PM IST
रिश्वतखोरी का बड़ा मामला: एसीबी ने 3.5 लाख रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा
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RAJESTHAN राजस्थान: उदयपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने मंगलवार को एक बड़ी कार्रवाई की। एसीबी ने शांतिलाल सोनी नाम के एक निजी व्यक्ति को 3.5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया। हैरानी की बात यह है कि यह रिश्वत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) हितेश मेहता के नाम पर मांगी गई थी। एसीबी अधिकारी के मुताबिक, आरोपी ने शिकायतकर्ता से बकाया वसूली और BMW कार से जुड़े मामले को निपटाने का झांसा देकर मोटी रकम की मांग की। मामला इस प्रकार था कि शिकायतकर्ता ने अपनी BMW कार किसी खरीदार को बेची थी, लेकिन खरीदार ने पूरा भुगतान नहीं किया। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उदयपुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शांतिलाल सोनी ने खुद को ASP हितेश मेहता का करीबी बताते हुए शिकायतकर्ता को यह भरोसा दिलाया कि वह मामले को सुलझाने और बकाया रकम दिलाने में मदद करेगा। इसके बदले में उसने 3.5 लाख रुपए की रिश्वत मांगी। सूचना मिलते ही एसीबी ने तुरंत एक टीम गठित की और गिरफ्तारी की कार्रवाई को अंजाम दिया।

एसीबी ने बताया कि गिरफ्तारी के समय आरोपी ने रिश्वत लेने की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया, जिससे मामले की पुष्टि हुई। आरोपी ने शिकायतकर्ता से नगद राशि ली, और उसी दौरान उसे रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। एसीबी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है। एसीबी ने यह भी बताया कि इस तरह की कार्रवाई से लोगों में यह संदेश जाएगा कि किसी भी सरकारी अधिकारी के नाम का गलत फायदा लेने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। विशेष रूप से, इस मामले में ASP हितेश मेहता के नाम का गलत इस्तेमाल किया गया। अधिकारियों ने साफ किया कि हितेश मेहता इस मामले में निर्दोष हैं और किसी भी प्रकार की संलिप्तता नहीं है। आरोपी ने केवल खुद को अधिकारी का करीबी बताकर लोगों को भ्रमित किया और लाभ कमाने की कोशिश की।

इस कार्रवाई से उदयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक अभियान को बल मिला है। अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी या सरकारी अधिकारियों के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों की सूचना तुरंत एसीबी को दें। इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि ACB केवल शिकायतों के आधार पर ही कार्रवाई नहीं करती, बल्कि सक्रिय निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया के जरिए भ्रष्टाचार को रोकने में भी प्रभावी भूमिका निभा रही है। एसीबी ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कोई ढील नहीं दी जाएगी और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस कार्रवाई से सार्वजनिक विश्वास और सरकारी तंत्र की पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगा। इस घटना के बाद उदयपुर में लोगों में एसीबी की कार्यवाही को लेकर संतोष और उम्मीद दोनों जगी हैं। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आरोपी शांतिलाल सोनी के खिलाफ जांच जारी है और मामले से जुड़ी अन्य अनियमितताओं की भी पड़ताल की जा रही है। इस गिरफ्तारी ने यह संदेश दिया कि राजस्थान में भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई भी प्रयास नाकाम नहीं होगा, चाहे वह सरकारी अधिकारियों के नाम का गलत इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति ही क्यों न हो।

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