राजस्थान
औद्योगिक विकास पर बड़ा दांव ₹370 करोड़ के कॉन्ट्रैक्ट जारी
Ratna Netam
4 Oct 2026 8:50 PM IST

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पाली। राजस्थान में औद्योगिक विकास और निवेश को गति देने के लिए राज्य सरकार ने जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र को लेकर महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को बताया कि औद्योगिक क्षेत्र के ‘फेज A’ में 641 हेक्टेयर जमीन पर बुनियादी ढांचे के विकास और बिजली पहुंचाने के लिए 370 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में उद्योगों के विस्तार, निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार नीतिगत पहल कर रही है।
पाली में आयोजित ‘लघु उद्योग भारती उद्यमी सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने औद्योगिक विकास से जुड़े विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि निवेशकों को जमीन और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी न हो।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम यानी RIICO ने अब तक 3,000 से अधिक MoU धारकों को जमीन आवंटित कर दी है। इसके साथ ही 800 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। उन्होंने इसे राज्य में निवेश प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक गतिविधियों में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति बताया।
जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के ‘फेज A’ को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि 641 हेक्टेयर क्षेत्र में आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इसके लिए 370 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट दिए गए हैं। इन कार्यों में औद्योगिक गतिविधियों के लिए जरूरी आधारभूत सुविधाओं के साथ बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क, बिजली और दूसरी आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकार की कोशिश है कि उद्योग लगाने के इच्छुक उद्यमियों को शुरुआती स्तर पर आवश्यक सुविधाएं मिलें, जिससे वे अपनी इकाइयों को जल्द शुरू कर सकें।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में राज्य सरकार की विभिन्न औद्योगिक नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में औद्योगिक विकास को तेज करने के लिए नीतिगत स्तर पर कई पहल की गई हैं। सरकार बड़े निवेश के साथ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को भी राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए महत्वपूर्ण मानती है।
पाली में आयोजित उद्यमी सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने लघु उद्योगों की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि छोटे उद्योग स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से युवाओं, महिलाओं और स्थानीय कामगारों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
राज्य सरकार की रणनीति औद्योगिक निवेश को केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाने की है। जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र के विकास को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे का विस्तार होने से नई औद्योगिक इकाइयों के लिए आवश्यक सुविधाएं तैयार होंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश प्रस्तावों के बाद जमीन आवंटन और निर्माण कार्य शुरू होना जरूरी है। RIICO की ओर से 3,000 से अधिक MoU धारकों को जमीन आवंटित किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि निवेश योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार काम किया जा रहा है।
800 से अधिक औद्योगिक इकाइयों में निर्माण कार्य चलने की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार की दिशा में हो रहे प्रयासों को दर्शाता है। इन इकाइयों के निर्माण के बाद उत्पादन शुरू होने पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।
राजस्थान में उद्योगों को आकर्षित करने के लिए जमीन की उपलब्धता के साथ बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाएं अहम हैं। जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र में 370 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट इसी आधारभूत ढांचे को मजबूत करने से जुड़े हैं। सरकार का जोर औद्योगिक क्षेत्र को ऐसी सुविधाओं से जोड़ने पर है, जिनसे निवेशकों को अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिले।
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार औद्योगिक विकास के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य निवेश को बढ़ावा देने के साथ रोजगार के अवसर पैदा करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
लघु उद्योग भारती उद्यमी सम्मेलन जैसे आयोजनों के जरिए सरकार और उद्योग जगत के बीच संवाद का अवसर भी मिलता है। उद्यमी अपनी आवश्यकताओं और चुनौतियों को सामने रख सकते हैं, जबकि सरकार अपनी योजनाओं और नीतिगत पहलों की जानकारी उद्योग जगत तक पहुंचा सकती है।
जोधपुर, पाली और मारवाड़ क्षेत्र पहले से ही विभिन्न प्रकार की औद्योगिक और कारोबारी गतिविधियों के लिए जाना जाता है। नए औद्योगिक क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से क्षेत्र की औद्योगिक क्षमता को और विस्तार मिलने की संभावना है। इससे आसपास के क्षेत्रों में परिवहन, सेवा, आपूर्ति और अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
सरकार की ओर से 641 हेक्टेयर क्षेत्र में बुनियादी ढांचे पर काम आगे बढ़ाने और 370 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट दिए जाने से औद्योगिक क्षेत्र के ‘फेज A’ के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। इसके साथ ही RIICO द्वारा जमीन आवंटन और सैकड़ों इकाइयों में जारी निर्माण कार्य राज्य सरकार की औद्योगिक विकास रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सम्मेलन के माध्यम से यह संदेश दिया कि राज्य सरकार निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने, उद्योगों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। आने वाले समय में इन परियोजनाओं के पूरा होने और नई इकाइयों में उत्पादन शुरू होने के साथ इनके आर्थिक और रोजगार संबंधी प्रभाव अधिक स्पष्ट होंगे।
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