
जयपुर : राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को देश के पहले कोऑपरेटिव आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 100 से अधिक कैब, बाइक और ऑटो-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस पहल को परिवहन क्षेत्र में एक नए मॉडल के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें ड्राइवरों को मालिकाना हक देने की अवधारणा पर जोर दिया गया है।
लॉन्च कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ सहकारी मॉडल के सिद्धांत पर काम करेगा, जिसमें ड्राइवर ही मालिक होंगे। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति में मालिकाना भावना आती है तो उसकी कार्यक्षमता, आत्मविश्वास और जिम्मेदारी बढ़ती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को केवल रोजगार का माध्यम नहीं देगा, बल्कि उन्हें निर्णय लेने और व्यवस्था में भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉडल देश में परिवहन क्षेत्र को नई दिशा देने में सफल होगा।
भजनलाल शर्मा ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सेवा उपलब्ध कराने के साथ-साथ ड्राइवरों के हितों की रक्षा करना भी है। सहकारी मॉडल के माध्यम से ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से होने वाले लाभ में भागीदारी का अवसर मिलेगा।
एक बयान के अनुसार, जयपुर में इसके सॉफ्ट लॉन्च के बाद से अब तक 30 हजार से अधिक ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। वहीं, करीब सात लाख ग्राहकों ने भी इस सेवा के लिए पंजीकरण कराया है। यह आंकड़े इस पहल के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भारत टैक्सी’ को लेकर लोगों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह दुनिया का सबसे सफल कोऑपरेटिव आधारित मोबिलिटी प्लेटफॉर्म बन सकता है।
मोबिलिटी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदलाव आया है। ऑनलाइन कैब सेवाओं के बढ़ते विस्तार के बीच ड्राइवरों की आय, काम करने की परिस्थितियों और प्लेटफॉर्म पर निर्भरता को लेकर कई बार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में सहकारी मॉडल पर आधारित यह पहल ड्राइवरों को अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
‘ड्राइवर ही मालिक’ की अवधारणा इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता बताई जा रही है। इसके तहत ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं होंगे, बल्कि प्लेटफॉर्म की व्यवस्था में उनकी भागीदारी भी होगी। इससे उन्हें आर्थिक और व्यावसायिक रूप से मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान सरकार नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सहकारी क्षेत्र हमेशा से लोगों को जोड़ने और सामूहिक विकास का माध्यम रहा है।
कार्यक्रम के दौरान परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों ने भी इस पहल को महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि यदि यह मॉडल सफल होता है तो इससे लाखों ड्राइवरों को लाभ मिल सकता है और उन्हें बेहतर आर्थिक अवसर प्राप्त हो सकते हैं।
‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म आधारित सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। यात्री अब मोबाइल एप के माध्यम से आसानी से परिवहन सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे में सहकारी मॉडल का जुड़ना इस क्षेत्र में एक अलग प्रयोग माना जा रहा है।
राज्य सरकार का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म रोजगार के नए अवसर पैदा करने के साथ-साथ परिवहन सेवाओं को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाएगा। ड्राइवरों और ग्राहकों दोनों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस अवसर पर जुड़े सभी ड्राइवरों और टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह पहल आने वाले समय में देश के परिवहन क्षेत्र में एक मिसाल कायम कर सकती है।
फिलहाल ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत जयपुर से की गई है और आने वाले समय में इसके विस्तार की संभावना जताई जा रही है। सरकार और प्लेटफॉर्म से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि यह सहकारी मॉडल बड़े स्तर पर सफल होगा और ड्राइवरों को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।





