Barmer: 8 वर्षीय बेटे के जबरन धर्म परिवर्तन और खतना के मामले में मां समेत तीन दोषी करार

बाड़मेर: व्यापारी महेश नाहटा के 8 वर्षीय बेटे के जबरन धर्म परिवर्तन और खतना के मामले में इंदौर की एक अदालत ने उसकी मां समेत तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए 10 साल कैद की सजा सुनाई है। यह मामला 2018 का है, जब महेश नाहटा की पत्नी प्रार्थना शिवहरे (27) अपने प्रेमी इलियास अहमद (33) और अपने तीन साल के बेटे के साथ इंदौर चली गई थी। इस दौरान उसने अपने बेटे का नाम बदल दिया और अपने प्रेमी को उसका पिता बना दिया। इसके अलावा, बेटे का खतना भी किया गया।
2018 में बाड़मेर के अनाज व्यापारी महेश नाहटा की पत्नी प्रार्थना शिवहर अपने प्रेमी इलियास अहमद और अपने तीन साल के बेटे के साथ भाग गई थी। महेश ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई, लेकिन उसकी पत्नी और बेटे का कोई सुराग नहीं मिला। इलियास को बाद में गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन जेल से रिहा होने के बाद उसने पुनः प्रार्थना की। 2023 में पता चला कि प्रार्थना इंदौर में इलियास के साथ रह रही थी। इस दौरान इलियास ने जाली दस्तावेजों के जरिए खुद को बच्चे का पिता घोषित कर दिया और अपना नाम व जन्म प्रमाण पत्र भी बदल लिया। बच्चे का जबरन खतना कर दिया गया और उसे मदरसे में भर्ती करा दिया गया।
मुख्य आरोपी इलियास अहमद को उद्योगपति महेश नाहटा की शिकायत पर 15 जुलाई 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 20 जुलाई 2023 को कोर्ट ने बच्चे की कस्टडी उसके असली पिता महेश नाहटा को सौंप दी। मंगलवार को इंदौर की एक अदालत ने मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रार्थना शिवहरे, इलियास अहमद और मोहम्मद जफर अली को दोषी करार देते हुए तीनों को 10 साल कैद की सजा सुनाई। अदालत ने जबरन धर्म परिवर्तन और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के गंभीर मामले को देखते हुए यह फैसला सुनाया।





