बाड़मेर: जिले के रेतीले धोरों के बीच एक सुनसान मकान में लकड़ी के कारखाने की आड़ में एमडी ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री चलाए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। डीएसटी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 15 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की तैयार एमडी ड्रग्स और केमिकल से भरे ड्रम जब्त किए गए हैं। हालांकि कार्रवाई से पहले ही मुख्य तस्कर मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8 बजे सदर थाना क्षेत्र के आदर्श चवा गांव के आदर्श केरली गांव में दबिश दी गई। कार्रवाई की भनक लगते ही 20 साल से नशे के कारोबार में लिप्त इनामी तस्कर मोटाराम (निवासी आदर्श केरली) फरार हो गया। आरोपी पुलिस को चकमा देने में माहिर बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं, जबकि मकान को डिटेन कर लिया गया है। फैक्ट्री पूरी तरह सुनसान इलाके में बनाई गई थी। वहां पहुंचने के लिए दो रेतीले रास्ते थे—एक बाड़मेर–सिणधरी हाईवे से करीब 12 किलोमीटर दूर और दूसरा आदर्श करेली नाड़ी स्कूल के पास से होकर जाता है। दोनों ही रास्ते रेत से होकर गुजरते हैं, जिससे बाहरी गतिविधियों पर नजर रखना तस्करों के लिए आसान था।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह एमडी ड्रग फैक्ट्री करीब 10 से 15 दिन पहले ही शुरू की गई थी। आरोपी एक खेप की सप्लाई पहले ही कर चुके थे, जबकि दूसरी खेप तैयार कर ली गई थी। मौके से 10 से 15 किलो एमडी ड्रग्स बरामद होने की संभावना जताई जा रही है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस ने बताया कि बाड़मेर जिले में पिछले 18 महीनों में यह तीसरी एमडी ड्रग फैक्ट्री पकड़ी गई है। मामले में आगे की जांच जारी है और फरार तस्कर की तलाश तेज कर दी गई है।





