
Rajisthan: जयपुर में राजस्थान एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) द्वारा गिरफ्तार की गई 37 वर्षीय बबीता उर्फ खदीजा के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। गिरफ्तारी के बाद उसके पिता लालाराम धाकड़ का दर्द सामने आया है, जिन्होंने साफ कहा कि उनके लिए देश सबसे पहले है और अगर उनकी बेटी देश के खिलाफ काम कर रही थी तो उन्हें ऐसी बेटी की जरूरत नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि देश विरोधी गतिविधियों में शामिल लोगों को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
परिवार के अनुसार बबीता लंबे समय से अपने माता-पिता के साथ जयपुर में रह रही थी। उसकी शादी हिंडौन सिटी में हुई थी, लेकिन वैवाहिक विवाद के चलते वह अलग रह रही थी और तलाक का मामला चल रहा था। पिता का कहना है कि घर का माहौल सामान्य था और किसी को अंदाजा नहीं था कि वह किसी संदिग्ध गतिविधि में शामिल हो सकती है।
लालाराम धाकड़ मूल रूप से गंगापुर सिटी के रहने वाले हैं और सेवानिवृत्त खादी विभाग कर्मचारी हैं। उन्होंने अपने पुराने घर को बेचकर जयपुर के वाटिका क्षेत्र में नया जीवन शुरू किया था, लेकिन अब वही घर एक बड़े सुरक्षा मामले से जुड़ गया है।
मामले में बड़ा खुलासा तब हुआ जब मिलिट्री इंटेलिजेंस के इनपुट के आधार पर ATS ने कार्रवाई की। जांच में बबीता के मोबाइल और सोशल मीडिया गतिविधियों से पाकिस्तान में बैठे संदिग्ध लोगों से संपर्क के संकेत मिले हैं। उसके खिलाफ डिजिटल सबूत जुटाए जा रहे हैं।
एजेंसियों के अनुसार, पूछताछ में यह सामने आया कि कुछ ऑनलाइन संपर्कों के जरिए उसका कथित रूप से ब्रेनवॉश किया गया था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने ऑनलाइन माध्यम से अपना नाम बदलकर खदीजा रखा था।
सबसे चर्चित पहलू उसका सोशल मीडिया अकाउंट “दुनिया धोखेबाज” बताया जा रहा है, जिसमें कथित रूप से हथियारों से जुड़ी तस्वीरें और विदेशी संपर्कों के संकेत मिले हैं। जांच एजेंसियां उसके फेसबुक और व्हाट्सएप नेटवर्क की गहन जांच कर रही हैं।
ATS अधिकारियों के अनुसार, यह मामला अभी शुरुआती चरण में है और सभी डिजिटल सबूतों की जांच की जा रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह केवल ऑनलाइन संपर्क था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।
पूरे मामले ने परिवार को सदमे में डाल दिया है, जहां एक ओर पिता का दर्द सामने आया है, वहीं दूसरी ओर जांच एजेंसियां हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।





