राजस्थान

महिला बैंक मैनेजर की सूझबूझ से ATM लूट की कोशिश नाकाम, 16 लाख सुरक्षित

Kavita2
29 Sept 2026 1:59 PM IST
महिला बैंक मैनेजर की सूझबूझ से ATM लूट की कोशिश नाकाम, 16 लाख सुरक्षित
x

नागौर। राजस्थान के नागौर जिले में यूको बैंक की एक महिला ब्रांच मैनेजर ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एटीएम लूट की बड़ी कोशिश नाकाम कर दी। देर रात गैस कटर लेकर एटीएम में घुसे दो बदमाशों को महिला बैंक मैनेजर ने बाहर से शटर लॉक कर अंदर ही कैद कर दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई के कारण एटीएम में रखे 16 लाख रुपये से अधिक की नकदी सुरक्षित बच गई और दोनों संदिग्ध मौके पर ही पकड़ लिए गए।

घटना मारवाड़ मूंडवा थाना क्षेत्र के नागौर रोड स्थित यूको बैंक के एटीएम की है। रविवार देर रात करीब दो बजे एटीएम परिसर में संदिग्ध गतिविधि शुरू हुई। जानकारी के अनुसार दो बदमाश गैस कटर और अन्य औजारों के साथ एटीएम में घुसे थे। उनका कथित मकसद मशीन को काटकर उसमें रखी नकदी निकालना था।

उस समय एटीएम में 16 लाख 900 रुपये नकद मौजूद थे। सोमवार से बैंकों की संभावित तीन दिवसीय हड़ताल को देखते हुए एटीएम में पर्याप्त नकदी पहले ही भर दी गई थी, ताकि ग्राहकों को कैश की परेशानी न हो। इसी वजह से एटीएम में सामान्य दिनों के मुकाबले बड़ी रकम रखी गई थी।

रविवार आधी रात के बाद एटीएम में संदिग्ध गतिविधि होने पर बैंक के ई-सर्विलांस सिस्टम से अलर्ट जारी हुआ। यह सूचना बैंक अधिकारियों तक पहुंची। महिला ब्रांच मैनेजर ने अलर्ट को गंभीरता से लिया और बिना समय गंवाए एटीएम की ओर रवाना हो गईं।

बताया जा रहा है कि जब वह मौके पर पहुंचीं तो दोनों संदिग्ध एटीएम के अंदर मौजूद थे। उन्होंने स्थिति को समझते हुए तुरंत ऐसा कदम उठाया जिससे आरोपियों को बाहर निकलने का मौका न मिले। महिला मैनेजर ने बाहर से एटीएम का शटर बंद करके लॉक कर दिया।

इस अचानक कार्रवाई से अंदर मौजूद दोनों संदिग्ध बाहर नहीं निकल सके। इसके बाद बैंक मैनेजर ने पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही मारवाड़ मूंडवा थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एटीएम को चारों तरफ से घेर लिया।

पुलिस ने शटर खुलवाकर दोनों आरोपियों को बाहर निकाला और हिरासत में ले लिया। मौके से कथित तौर पर गैस कटर और एटीएम मशीन को नुकसान पहुंचाने में इस्तेमाल किए जाने वाले अन्य सामान भी बरामद किए गए।

घटना के समय एटीएम मशीन को कितना नुकसान पहुंचा, इसकी भी जांच की जा रही है। हालांकि सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि आरोपियों के हाथ एटीएम में रखी नकदी नहीं लगी। बैंक की पूरी 16 लाख 900 रुपये की राशि सुरक्षित बताई गई है।

महिला ब्रांच मैनेजर की तत्परता की घटना के बाद काफी चर्चा हो रही है। अगर ई-सर्विलांस अलर्ट को नजरअंदाज कर दिया जाता या घटनास्थल तक पहुंचने में देरी होती तो आरोपी एटीएम मशीन को काटकर नकदी निकालने में सफल हो सकते थे।

बैंकिंग संस्थानों में ई-सर्विलांस सिस्टम का उद्देश्य रात के समय होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर तत्काल नजर रखना है। कैमरे, सेंसर और अलर्ट सिस्टम की मदद से एटीएम में असामान्य गतिविधि होने पर संबंधित अधिकारियों तक सूचना पहुंचती है। इस मामले में यही व्यवस्था महत्वपूर्ण साबित हुई।

महिला बैंक मैनेजर ने अलर्ट मिलने के बाद जोखिम के बावजूद मौके पर जाकर स्थिति को संभाला। उन्होंने सीधे आरोपियों का सामना करने के बजाय उन्हें एटीएम के अंदर ही बंद कर दिया, जिससे पुलिस के पहुंचने तक दोनों वहां से भाग नहीं सके।

पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि दोनों ने एटीएम को निशाना बनाने से पहले कितने दिनों तक इलाके की रेकी की थी और उन्हें एटीएम में बड़ी रकम होने की जानकारी थी या नहीं।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि दोनों आरोपियों का किसी पुराने एटीएम लूट गिरोह से संबंध है या नहीं। पुलिस उनके पिछले रिकॉर्ड की जानकारी जुटा सकती है और आसपास के जिलों में हुई इसी तरह की घटनाओं से भी उनकी गतिविधियों का मिलान किया जा सकता है।

गैस कटर के जरिए एटीएम मशीन काटने के मामलों में आमतौर पर आरोपी पहले ऐसी जगह चुनते हैं जहां रात में आवाजाही कम हो। इसके बाद मशीन के कैश बॉक्स तक पहुंचने का प्रयास किया जाता है। नागौर में हुई घटना में ई-सर्विलांस सिस्टम के कारण उनकी योजना समय रहते पकड़ में आ गई।

घटना के बाद बैंक अधिकारियों ने भी एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित किया गया है ताकि आरोपियों की गतिविधियों का पूरा क्रम देखा जा सके। पुलिस के लिए यह फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है।

सीसीटीवी में यह पता लगाया जा सकेगा कि आरोपी एटीएम तक कैसे पहुंचे, उनके पास कौन-कौन से उपकरण थे और उन्होंने मशीन के किस हिस्से को निशाना बनाया। इसके अलावा यह भी देखा जा सकता है कि उनके साथ कोई तीसरा व्यक्ति बाहर निगरानी कर रहा था या नहीं।

पुलिस आसपास की सड़कों और अन्य प्रतिष्ठानों के कैमरों की फुटेज भी जांच सकती है, ताकि आरोपियों के आने-जाने के साधन का पता लगाया जा सके। यदि वे किसी वाहन से पहुंचे थे तो वाहन की पहचान जांच में अहम साबित हो सकती है।

एटीएम में 16 लाख रुपये से ज्यादा की रकम होने के कारण इस वारदात को गंभीर माना जा रहा है। यदि आरोपियों की योजना सफल हो जाती तो बैंक को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता था। लेकिन महिला मैनेजर की त्वरित प्रतिक्रिया ने पूरी नकदी को सुरक्षित बचा लिया।

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर महिला अधिकारी की सूझबूझ की सराहना की जा रही है। उन्होंने ई-सर्विलांस अलर्ट पर तुरंत कार्रवाई करते हुए न केवल बैंक की रकम बचाई बल्कि संदिग्धों को मौके पर पकड़वाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

फिलहाल मारवाड़ मूंडवा थाना पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। एटीएम से मिले तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने यह भी दिखाया कि तकनीकी निगरानी और समय पर मानवीय प्रतिक्रिया मिलकर बड़ी वारदात को रोक सकती है। अगर महिला ब्रांच मैनेजर तत्काल घटनास्थल पर नहीं पहुंचतीं तो स्थिति अलग हो सकती थी।

फिलहाल एटीएम में रखे 16 लाख 900 रुपये पूरी तरह सुरक्षित हैं और दोनों संदिग्ध पुलिस की हिरासत में हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह केवल एक एटीएम लूट की कोशिश थी या इसके पीछे किसी बड़े गिरोह की योजना काम कर रही थी।

Next Story