राजस्थान
सीएम गहलोत ने की सुप्रीम कोर्ट से अपील, बोले- 'पीएम की सुरक्षा चूक के मामले में जांच पूरी होने तक मीडिया ट्रायल पर लगे रोक'
Deepa Sahu
12 Jan 2022 11:47 PM IST

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पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा की चूक (pm modi security breach) के मामले में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है.
पंजाब में प्रधानमंत्री की सुरक्षा की चूक (pm modi security breach) के मामले में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 5 सदस्यों की कमेटी का गठन किया है. इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की है कि इस मामले में जांच पूरी होने तक मीडिया ट्रायल पर रोक लगाई जाए.
दरअसल, पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक के मामले पर आजतक के स्टिंग ऑपरेशन के बाद पंजाब सरकार बीजेपी के निशाने पर आ गई है. आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में सामने आया था कि पुलिस अधिकारियों जिसमें पंजाब पुलिस के एसएचओ भी शामिल थे, उन्होंने बताया था कि राज्य सरकार ने प्रदर्शनकारी किसानों को हटाने के लिए कोई निर्देश नहीं दिया था. इस खुलासे के बाद बीजेपी नेता कांग्रेस और पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साध रहे हैं.
मीडिया ट्रायल और बयानबाजी पर रोक की मांग
इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, सुप्रीम कोर्ट से अपील करता हूं कि इस मामले की जांच पूरी होने तक मीडिया ट्रायल और बयानबाजी पर रोक लगाई जाए. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा कमेटी गठित की गई है और सत्य को जानने के लिए इस कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार करना चाहिए.
5 जनवरी को पीएम मोदी की सुरक्षा में हुई थी चूक
पीएम मोदी 5 जनवरी को पंजाब दौरे पर गए थे. उन्हें फिरोजपुर में रैली में शामिल होना था. लेकिन खराब मौसम के चलते वे हेलिकॉप्टर से नहीं जा सके थे. ऐसे में उन्होंने सड़क के रास्ते फिरोजपुर जाने का फैसला किया. यहां सड़क के रास्ते हुसैनीवाला जाते वक्त कुछ प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक लिया था. इसके बाद पीएम मोदी का काफिला यहां 15-20 मिनट रुका रहा. इसे पीएम मोदी की सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है.
स्टिंग ऑपरेशन में खुलासे के बाद बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा
खुलासे के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कांग्रेस को घेरा. पंजाब सरकार पर सवाल खड़े करते हुए ईरानी ने कहा कि पीएम की सुरक्षा में चूक का सच उजागर हुआ है. कांग्रेस ने जानबूझकर पीएम को असुरक्षित रखा. वह बोलीं कि कांग्रेस नेता सुरक्षा को छोटा करके देख रहे थे. ईरानी ने पंजाब सरकार से पूछा कि किसके कहने पर डीजीपी ने रूट क्लीयरेंस दी? वह बोलीं कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक निंदनीय ही नहीं दंडनीय भी हैं.
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