राजस्थान

फर्जी साइबर क्राइम अधिकारी बनकर लोगों से करते थे ठगी, गिरफ्तार

Admindelhi1
28 Sept 2026 11:47 AM IST
फर्जी साइबर क्राइम अधिकारी बनकर लोगों से करते थे ठगी, गिरफ्तार
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फर्जी साइबर क्राइम ब्रांच बनकर ठगी करने वाला गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ा

जयपुर: पुलिस मुख्यालय के ‘म्यूल हंटर’ अभियान के तहत करधनी थाना पुलिस और साइबर सेल ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर साइबर ठगी के शिकार लोगों को रकम वापस दिलाने का झांसा देकर दोबारा ठगी करते थे। पुलिस ने आरोपियों से 11 मोबाइल, 16 सिम कार्ड, पांच एटीएम कार्ड, दो चेकबुक और दो कारें जब्त की हैं। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

पुलिस उपायुक्त (जयपुर पश्चिम) प्रशांत किरण ने बताया कि आरोपी फेसबुक पर ‘दिल्ली साइबर क्राइम ब्रांच’ के नाम से फर्जी पेज बनाकर रिफंड दिलाने के विज्ञापन डालते थे। पीड़ितों के संपर्क करने पर खुद को साइबर सेल का अधिकारी बताकर फर्जी पहचान-पत्र और दस्तावेज भेजते थे। इसके बाद सत्यापन और प्रक्रिया शुल्क के नाम पर क्यूआर कोड भेजकर रकम ट्रांसफर करवा लेते और पैसे मिलते ही पीड़ित को ब्लॉक कर देते थे।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि गिरोह 500 से अधिक लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर चुका है। करधनी थाना पुलिस ने सात मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य को 170 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई में लिया गया। वहीं विश्वकर्मा थाना पुलिस ने म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले लोकेश प्रजापत (22) को गिरफ्तार किया। उसके खाते में करीब 15 लाख रुपए के साइबर फ्रॉड का लेन-देन सामने आया है। वह कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता उपलब्ध करवाता था।

करधनी थानाधिकारी सवाई सिंह ने बताया कि धीरज शर्मा (20), युवराज वर्मा (19), राजवीर सिंह (21), गोविंद प्रताप सिंह (24), राहुल खैरवाल (30), गुलशन सिंह चौहान (23) और रूप शेखावत (21) को गिरफ्तार किया है। विश्वकर्मा पुलिस ने म्यूल खाताधारक लोकेश प्रजापत को पकड़ा है। पुलिस आरोपियों से गिरोह के नेटवर्क और अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है।

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