
जैसलमेर : गुरुवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में भारतीय सेना के एक मेजर की मौत हो गई, जबकि दो लेफ्टिनेंट गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के पास हुआ, जब सेना के अधिकारियों की SUV अचानक सड़क पर आए ऊंट से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहन अनियंत्रित होकर करीब पांच बार पलट गया और लगभग 100 मीटर तक घिसटने के बाद रुका। इस दुर्घटना में ऊंट की भी मौके पर ही मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, सेना के तीनों अधिकारी अपनी निजी SUV टाटा सफारी से जैसलमेर शहर से मिलिट्री स्टेशन लौट रहे थे। रात के समय वॉर म्यूजियम के पास अचानक एक ऊंट सड़क पर आ गया। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही तेज रफ्तार SUV ऊंट से जा टकराई। टक्कर के बाद वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह कई बार पलट गया।
हादसे की सूचना मिलते ही सेना के जवान और अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त वाहन में फंसे तीनों अधिकारियों को बाहर निकाला और तत्काल जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन के सैन्य अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने घायलों का इलाज शुरू किया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण मेजर हमजा आरिफ ने दम तोड़ दिया।
मृतक मेजर हमजा आरिफ मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले थे और उनकी उम्र करीब 30 वर्ष थी। बताया जा रहा है कि उनकी शादी को अभी सिर्फ एक महीना ही हुआ था। उनकी असमय मौत से परिवार और सेना में शोक की लहर फैल गई है। सैन्य अधिकारियों और जवानों ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है।
हादसे में घायल हुए लेफ्टिनेंट अभिनव राठौर और लेफ्टिनेंट आयुष्मान गुसाईं का इलाज सैन्य अस्पताल में जारी है। डॉक्टर उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। सेना की ओर से घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटनास्थल पर सड़क किनारे मृत ऊंट और सेना की बाउंड्री वॉल के पास क्षतिग्रस्त SUV मिली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मेजर हमजा आरिफ के शव को जैसलमेर के जवाहर अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
पुलिस और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं। शुरुआती जांच में सड़क पर अचानक ऊंट आने को दुर्घटना की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि, वाहन की गति और अन्य तकनीकी पहलुओं की भी जांच की जाएगी।
गौरतलब है कि यह वही इलाका है जहां पहले भी बड़ा हादसा हो चुका है। करीब एक साल पहले इसी स्थान के पास एक निजी बस में भीषण आग लग गई थी, जिसमें 29 यात्रियों की मौत हो गई थी। लगातार हो रहे हादसों के कारण इस क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रेगिस्तानी इलाकों में अक्सर आवारा पशुओं के सड़क पर आने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सेना और स्थानीय प्रशासन अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा उपायों पर विचार कर सकते हैं। मेजर हमजा आरिफ की मौत ने सेना और जैसलमेर दोनों को गहरा आघात पहुंचाया है।





