राजस्थान
Alwar: जल संरक्षण में राज्य बना मिसाल, अन्य राज्यों के NGO भी हुए प्रेरित
Tara Tandi
12 Jun 2025 7:28 PM IST

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Alwar अलवर। जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला की अध्यक्षता में आज कलक्ट्रेट सभागार में वन्दे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान के तहत जिला स्तरीय सीएसआर की कार्यशाला आयोजित हुई।
जिला कलक्टर ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण को दृष्टिगत रखते हुए प्रदेश में वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान संचालित किया है जिसके तहत आमजन को जागरूक कर सरकारी योजनाओं के माध्यम से, सीएसआर, जन सहभागिता आदि से जल संचय संरचनाओं का निर्माण, जल स्रोतों की साफ-सफाई, परंपरागत जलाशयों का पुनरूद्धार, पर्यावरण व जल संरक्षण एवं जागरूकता की गतिविधियां आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि जीवन और विकास के लिए जल का कोई विकल्प नहीं है अतः जिले में जल संरक्षण के कार्यों की अधिकाधिक महती आवश्यकता है।
उन्होंने जिले में कार्यरत औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों से कहा कि जिले की भौगोलिक परिस्थितियों एवं गिरते भूजल के मध्यनजर जिले में जल संरक्षण के कार्य करने की बहुत संभावना है। अलवर जिले में सीएसआर के तहत वाटर कंसर्वेशन के अच्छे काम हुए है, उससे प्रभावित होकर गुजरात के पारीक फाउंडेशन ने हाल ही में जल संरक्षण हेतु अलवर शहर में 3 काम चिन्हित किए है जो 50 लाख रूपये की राशि से कराए जाएंगे। इससे शहर में भूमिगत जल स्तर में वृद्धि होगी तथा जल स्त्रोतों का संरक्षण होगा, अतः जिले में संचालित औद्योगिक इकाइयां अपने सामाजिक दायित्व के तहत इस वर्ष सीएसआर के तहत अधिकतम जल संरक्षण के कार्य करावें। इन कार्यों में सरकारी स्कूलांे में रूफटॉप वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर, एनीकेट, रिचार्ज साफ्ट, रूपारेल नदी के पुनरूद्धार कार्य में सहयोग एवं जल संरचनाओं की डिसिलटिंग व हरियालों राजस्थान के तहत पौधरोपण आदि कराए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि हरियालो राजस्थान अभियान भी पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण के लिए महत्वाकांक्षी अभियान है। इस अभियान से भी औद्योगिक इकाइयां जुडकर सीएसआर के तहत पौधारोपण के कार्य करा सकती है जिसमें ऑक्सीजन पार्क आदि कार्य किए जा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष जिले में 30 लाख पौधे लगाए जाने है, जिसमें करीब 4 लाख पौधे सीएसआर के तहत लगाए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक एवं रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देशित किया कि औद्योगिक इकाइयों व जिला प्रशासन के मध्य समन्वय स्थापित कर दिए गए लक्ष्य से आगे बढकर पौधे लगवाएं। उन्होंने बताया कि सरकारी विभागों को भी इस अभियान के तहत लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसमें शिक्षा विभाग द्वारा 13 लाख 60 हजार पौधे, जिला परिषद द्वारा 6 लाख पौधे, वन विभाग द्वारा 3 लाख 32 हजार पौधे, नगर विकास न्यास द्वारा 2 लाख, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 1 लाख 50 हजार पौधे, पीडब्ल्यूडी, उद्यान एवं खनि विभाग द्वारा एक-एक लाख पौधे, रीको द्वारा 50 हजार पौधे एवं अन्य विभागों द्वारा 8 हजार पौधे लगाए जाने का लक्ष्य दिया गया है। उन्होंने बताया कि जिले में 16 लाख 816 पौधे तो वन विभाग की नर्सरियों में तैयार किए जा रहे हैं तथा पंचायती राज विभाग द्वारा भी पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण अभियन्ता को निर्देशित किया कि एनएचआई से समन्वय कर अलवर जिले से गुजर रहे दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस हाईवे पर पौधारोपण करावे। साथ ही जिले की प्रमुख सडकों पर भी पौधारोपण कराया जाना सुनिश्चित करावे। उन्होंने कहा कि कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान के तहत जिला परिषद के द्वारा चिन्हित स्थानों पर भी जल संरक्षण के कार्य करा सकते हैं। कार्यशाला में जिला कलक्टर ने उपस्थित लोगों को वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान की शपथ दिलाई। वाटरशेड विभाग जयपुर की उप निदेशक श्रीमती सुशीला यादव ने पीपीटी के माध्यम से जल संरक्षण के कार्यों के बारे में तथा पीपीटी के माध्यम से ही डीएफओ अलवर श्री राजेन्द्र हु्ड्डा ने हरियालो राजस्थान अभियान के बारे में विस्तार से बताया।
जिला परिषद के सीईओ श्री सालुखे गौरव रवीन्द्र ने बताया कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान, हरियालो राजस्थान, कर्मभूमि से मातृभूमि, एक पेड मां के नाम जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के तहत जिले में जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में वृद्धि हेतु विभिन्न गतिवधियां आयोजित की जा रही है।
बैठक में एडीएम द्वितीय श्री योगेश डागुर, जिला परिषद के सीईओ श्री सालुखे गौरव रवीन्द्र, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री एम.आर मीणा, रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक श्री परेश सक्सेना, चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री राजेश गुप्ता, मत्स्य उद्योग संघ के अध्यक्ष श्री मनोज गुप्ता, श्री शशांक झालानी, श्री गोपेश शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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