राजस्थान

Alwar: टिकट फाइनल होते ही भाजपा में विरोध के सुर, अलवर के दो मंडल अध्यक्षों का इस्तीफा

Admindelhi1
31 Aug 2026 4:27 PM IST
Alwar: टिकट फाइनल होते ही भाजपा में विरोध के सुर, अलवर के दो मंडल अध्यक्षों का इस्तीफा
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टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा में कलह, अलवर के दो मंडल अध्यक्षों ने खोला मोर्चा

अलवर: अलवर में नगरीय निकाय चुनाव को लेकर टिकट वितरण के बीच भारतीय जनता पार्टी में अंदरूनी असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। अलवर नगर निगम में टिकट वितरण से पहले ही भाजपा के दो मंडल अध्यक्षों ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ इस्तीफा दे दिया है। दोनों मंडल अध्यक्षों ने अपना इस्तीफा भाजपा जिलाध्यक्ष को भेजा है। हालांकि अलवर में कांग्रेस भाजपा ने सभी प्रत्याशियों की आधिकारिक घोषणा अंतिम दिन तक नहीं है लेकिन जिन्हे टिकट दिया जायेगा उन्हें पार्टी का इशारा जरूर मिल गया है नामांकन करने का।

टिकट वितरण को लेकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में नाराजगी की खबरों के बीच सामने आए इस घटनाक्रम ने भाजपा की चुनावी तैयारियों के बीच सियासी हलचल बढ़ा दी है। इस्तीफा देने वालों में विवेकानंद मण्डल के अध्यक्ष जितेंद्र राठौड और केशव मंडल के अध्यक्ष महेश निहलवानी है। मंडल अध्यक्षों और कार्यकारिणी से जुड़े पदाधिकारियों की नाराजगी टिकट वितरण को लेकर बताई जा रही है। पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ताओं की अनदेखी किए जाने की बात सामने आई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता सुरेश मेहता, नरेश धानावत सहित कई अन्य नेताओं ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी की टिकट प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पार्टी में अनुभवी और पुराने नेताओं की भूमिका को लेकर नाराजगी जताई है।

राजस्थान नगरीय निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का आज, 31 अगस्त को आखिरी दिन है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस सहित सभी राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशियों के नाम तय कर उन्हें नामांकन कराने की चुनौती है।

भाजपा में प्रत्याशी चयन को लेकर प्रदेश स्तर पर भी लगातार मंथन चल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक कई सीटों पर अंतिम निर्णय को लेकर पेच बना हुआ है और पार्टी सिंबल वितरण के बाद ही प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक करने की तैयारी में है। टिकट वितरण के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं की नाराजगी और संभावित बगावत भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। अलवर नगर निगम में दो मंडल अध्यक्षों का कार्यकारिणी समेत इस्तीफा देना इसी असंतोष का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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