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Ajmer अजमेर । जिले की प्रभारी सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने शुक्रवार को अतिवृष्टि, राहत एवं बचाव कार्य, सहायता, गिरदावरी, पशुहानि, पंच गौरव, गांव चलो अभियान, शहर चलो अभियान तथा सहकारिता अभियान के संबंध में कार्यों की समीक्षा की। जिला कलक्टर श्री लोक बन्धु ने विभिन्न कार्यों की जानकारी दी।
प्रभारी सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने समीक्षा बैठक के दौरान जिला आपदा नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली की जानकारी लेने के लिए स्वयं नियंत्रण कक्ष पर फोन मिलाया। उन्होंने जिले में अतिवृष्टि एवं बाढ़ के संबंध में जानकारी चाही। नियंत्रण कक्ष पर उपस्थित कार्मिक द्वारा सम्पूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इससे वे काफी प्रभावित हुई तथा नियंत्रण कक्ष के कार्यों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भारी वर्षा से छितरी हुई आबादी क्षेत्र का सम्पर्क टूट सकता है। ऎसी परिस्थिति में स्थानीय प्रशासन उनके साथ लगातार सम्पर्क में रहकर मूलभूत सुविधाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करें। ग्रामीण क्षेत्रों में पटवारी एवं ग्राम सेवक सहित समस्त कार्मिक एवं अधिकारी मुख्यालय पर ही रहने चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य आपदा मोचक बल (एसडीआरएफ) की बटालियन के साथ पुलिस एवं प्रशासन लगातार सम्पर्क में रहे। इसी प्रकार राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) का भी राहत एवं बचाव कार्यों में आवश्यकतानुसार उपयोग सुनिश्चित किया जाए। जल भराव वाले क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति तत्काल बंद करनी आवश्यक है। इस संबंध में अतिरिक्त सावधानी रखते हुए झूलते तारों को सही करने के साथ ही विद्युत कनेक्शनों के खुले तारों की भी मरम्मत करें।
उन्होंने कहा कि जिले में अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों की तात्कालिक मरम्मत एवं पुनरूत्थान के कार्य मौसम ठीक होते ही करवाएं। जर्जर एवं असुरक्षित संरचनाओं का उपयोग लेने से बचा जाना चाहिए। मरम्मत के प्रस्तावों के आक्षेप पूर्ण कर सोमवार तक भिजवाया जाना सुनिश्चित करें। गत मानसून के दौरान सड़क मरम्मत के किए गए कार्यों की जांच राजस्व अधिकारियों के माध्यम से करवाई जाए। विद्यालय स्वास्थ्य कार्यक्रम के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग तथा शिक्षा विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिले में अतिवृष्टि के कारण किसी प्रकार की पशु हानि, मकान क्षति एवं जनहानि के संबंध में सर्वे के उपरांत सहायता के लिए पोर्टल पर तत्काल आवेदन करवाएं। विभिन्न जल स्त्रोतों से सुरक्षित जल निकासी सुनिश्चित की जानी चाहिए। जिले के समस्त बांधों पर गेज पट्टी स्थापित की जाए। बांधों की मजबूती पर लगातार नजर रखी जानी चाहिए। अजमेर शहर के मास्टर ड्रेनेज प्लान पर भी चर्चा की गई।
उन्होंने कहा कि फसलों की गिरदावरी के साथ-साथ फसलों के खराबे का आंकलन भी किया जाना चाहिए। यह कार्य आगामी 10 दिवस में पूर्ण करने का प्रयास करें। इससे पीड़ित व्यक्तियों को समय पर राहत मिल सकेगी। इसी प्रकार डिजीटल क्रॉप सर्वे भी समय पर करवाएं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में भी विस्तार से समीक्षा की गई। पंच गौरव के संबंध में किए जा रहे कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि शहर चलो अभियान एवं गांव चलो अभियान जिले के समस्त शहरी वार्डों एवं ग्राम पंचायतों में होने चाहिए। इस दौरान प्री-कैम्प का आयोजन कर विभिन्न कार्यों के आवेदन पहले से प्राप्त करने का प्रयास करें। कैम्प में प्राप्त प्रकरणों का मौके पर निस्तारण करने का प्रयास हो। लाभार्थियों का संतृप्तिकरण करने के उपरांत कोई पात्र व्यक्ति शेष नहीं रहे। सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का भी समय पर निस्तारण कराएं।
इस अवसर पर जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री राम प्रकाश, अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त श्रीमती नित्या के., नगर निगम के आयुक्त श्री देशल दान, किशनगढ़ के उपखण्ड अधिकारी श्री रजत यादव, अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री गजेन्द्र सिंह राठौड़ एवं श्रीमती वंदना खोरवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री हिमांशु सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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