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Ajmer: आनासागर बचाओ अभियान ने पकड़ी रफ्तार, अजमेर बंद का असर

Admindelhi1
23 July 2026 4:38 PM IST
Ajmer: आनासागर बचाओ अभियान ने पकड़ी रफ्तार, अजमेर बंद का असर
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आनासागर झील के लिए सड़कों पर उतरे लोग, अजमेर बंद

अजमेर: आनासागर झील की बदहाल स्थिति, झील में बढ़ती गंदगी और लगातार हो रही मछलियों की मौत के विरोध में गुरुवार को अजमेर शहर बंद रहा। शहर कांग्रेस के आह्वान पर आयोजित बंद का व्यापक असर बाजारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और यातायात व्यवस्था पर देखने को मिला। कई प्रमुख बाजारों में दुकानें और होटल बंद रहे, जबकि निजी स्कूलों और कॉलेजों ने भी अवकाश घोषित कर दिया। हालांकि अस्पताल, मेडिकल स्टोर और एम्बुलेंस जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से मुक्त रखा गया।

बंद को सफल बनाने के लिए कांग्रेस ने शहर को विभिन्न जोनों में विभाजित कर कार्यकर्ताओं की टीमें तैनात कीं। कार्यकर्ता प्रमुख बाजारों, चौराहों और व्यावसायिक क्षेत्रों में पहुंचकर व्यापारियों से सहयोग की अपील करते नजर आए। कचहरी रोड पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने निजी बैंकों को बंद करवाया और पेट्रोल पंप पर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की।

रेलवे स्टेशन क्षेत्र में भी बंद का असर दिखाई दिया। सवारी लेकर जा रहे कुछ ई-रिक्शा और टैम्पो को रोककर उनमें बैठे यात्रियों को उतरवा दिया गया। इससे बाहर से आने वाले पर्यटकों और यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में जियारत के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले जायरीन भी परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने से परेशान दिखाई दिए। दरगाह बाजार की अधिकांश दुकानें बंद रहीं, हालांकि फूलों की कुछ दुकानें खुली नजर आईं।

शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. राजकुमार जयपाल ने बताया कि बंद के संचालन और समन्वय के लिए जिला कांग्रेस कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उनका कहना है कि आनासागर झील की लगातार बिगड़ती स्थिति, दुर्गंध और प्रशासन की कथित उदासीनता के विरोध में यह जनआंदोलन आयोजित किया गया है। कांग्रेस नेताओं ने शहरभर में रैलियां निकालकर व्यापारियों और आमजन से बंद को समर्थन देने की अपील भी की।

बंद को देखते हुए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा।

पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर शहर के संवेदनशील क्षेत्रों, बाजारों और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दरगाह बाजार सहित विभिन्न स्थानों पर पुलिस की कड़ी निगरानी रही ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

इधर, नगर निगम प्रशासन आनासागर झील में गंदे पानी की आवक रोकने के लिए करीब 23 करोड़ रुपए की लागत से एक परियोजना तैयार कर रहा है। योजना के तहत 13 नालों को आपस में जोड़कर उनके पानी को शुद्ध करने के बाद झील में छोड़ा जाएगा।

हालांकि झील संरक्षण को लेकर कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठनों का कहना है कि मौजूदा प्रयास पर्याप्त नहीं हैं और झील को बचाने के लिए प्रभावी एवं त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।

अजमेर बंद के चलते दिनभर शहर के कई हिस्सों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि आनासागर झील को लेकर शुरू हुई यह मुहिम अब राजनीतिक और जनचर्चा का प्रमुख विषय बन गई है।

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