Ajmer: सफाईकर्मियों की हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था चरमराई

अजमेर: नगर निगम की लापरवाही और ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ 2310 संविदा सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं। शनिवार को हड़ताल का पांचवा दिन है, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो गई है। सफाई कर्मचारियों ने नगर निगम से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकाली और अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। इस बीच गुस्साए सफाई कर्मचारियों ने ठेकेदार का पुतला भी जलाया।
सफाई कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
1. वेतन वृद्धि - ₹6200 में गुजारा करना मुश्किल है, न्यूनतम वेतन ₹18,000 किया जाना चाहिए।
2. बकाया वेतन - फरवरी माह का वेतन अभी तक नहीं मिला है, इसका भुगतान शीघ्र किया जाए।
3. सफाई उपकरणों की उपलब्धता - झाड़ू, कूड़ेदान, दस्ताने आदि जैसी आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध नहीं हैं।
4. ठेका प्रथा समाप्त की जाए - नगर पालिका को सफाई कर्मचारियों को सीधी भर्ती के माध्यम से स्थाई करना चाहिए।
सड़कों और गलियों में कूड़े के ढेर
हड़ताल का असर अब शहर की सड़कों और मुख्य मार्गों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। कूड़े के ढेर, बदबू और गंदगी से नागरिक परेशान हैं, लेकिन नगर निगम की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक सफाई का काम नहीं होगा। इस बीच, शहर के निवासी गंदगी और बदबू के बीच रहने को मजबूर हैं। अब सवाल यह है कि क्या नगर निगम सफाई कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालेगा या फिर अजमेर को कूड़ाघर में तब्दील होने दिया जाएगा?
भीड़ के कारण यातायात जाम
इस प्रदर्शन के वीडियो भी सामने आए हैं, जो इस समय सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में सफाई कर्मचारियों की संख्या बहुत ज्यादा है। भीड़ ने सड़क पर यातायात भी रोक दिया है। इस प्रदर्शन के दौरान वहां से गुजरने वाले लोगों को कुछ परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन सब कुछ शांतिपूर्ण तरीके से निपट गया।





