
अजमेर: राजस्थान के जादूगर अपनी प्राचीन कला को बचाने और इसके भविष्य की राह तय करने के लिए एक मंच पर आ रहे हैं। अजमेर के सूचना केंद्र सभागार में शनिवार को सुबह 10:30 बजे प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में राजस्थान भर से आए 125 से अधिक जादूगर अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, एक-दूसरे से तकनीक साझा करेंगे और जादू कला के संरक्षण व संवर्धन पर चर्चा करेंगे।
मैजिशियनस एसोसिएशन राजस्थान के संरक्षक जादूगर हैरती ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सम्मेलन के दौरान जादूगर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से संवाद करेंगे और सरकार से जादू कला को पहचान दिलाने, इसे ललित कला की श्रेणी में शामिल करने तथा जादूगरों के कल्याण के लिए ठोस नीतियां बनाने की मांग रखेंगे।
उन्होंने कहा कि इस निराशाजनक माहौल में मैजिशियनस एसोसिएशन राजस्थान ने प्रदेशभर के जादूगरों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है। संस्था के संरक्षक मायावी जूनियर ने अथक मेहनत कर संगठन को खड़ा किया है, जबकि अध्यक्ष जादूगर हैरती इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संस्था का संकल्प है कि न केवल इस कला को जीवित रखा जाए बल्कि इसके माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किए जाएं। सम्मेलन में जहां जादूगर आपस में प्रतिस्पर्धा करेंगे, वहीं कार्यशालाओं का भी आयोजन होगा। इन कार्यशालाओं के जरिए वरिष्ठ जादूगर अपने अनुभव और तकनीक नई पीढ़ी के कलाकारों को सिखाएंगे। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के प्रयासों से न केवल कला का उत्थान होगा बल्कि युवाओं को इससे जुड़ने की प्रेरणा भी मिलेगी।





