
अजमेर: महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर ने युवाओं में बढ़ते डिप्रेशन, तनाव और नशे की वजह से आत्महत्या की बढ़ती घटनाओं को ध्यान में रखते हुए विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय स्वास्थ्य केंद्र में विद्यार्थियों के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्शदाता डॉ. जसवंत सिंह जैन की ऑनकॉल सेवाएं प्रारंभ की हैं।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. सुरेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी आत्महत्या का एक प्रमुख कारण बन रही है। उन्होंने अभिभावकों से आह्वान किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें और न ही उनकी तुलना किसी अन्य से करें। प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी विशिष्ट योग्यताएँ होती हैं, जिनका सम्मान करना आवश्यक है।
कुलगुरु प्रो. अग्रवाल ने कहा कि यदि किसी विद्यार्थी में हताशा या निराशा के संकेत दिखाई देते हैं, तो अभिभावकों और परिजनों को उनके साथ निरंतर संवाद बनाए रखना चाहिए और उन्हें स्नेह, सहयोग तथा विश्वास का वातावरण देना चाहिए।
विश्वविद्यालय की इस पहल का उद्देश्य परिसर में अध्ययनरत विद्यार्थियों एवं अन्य को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और कठिन परिस्थितियों में उन्हें उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
प्रो. अग्रवाल ने स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ राजू शर्मा को निर्देशित किया कि परिसर में होने वाली परीक्षाओं से पूर्व परामर्श शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को तनाव मुफ़्त किया जाए।
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी ने बताया कि डॉ. जैन से परामर्श लेने के विश्वविद्यालय के स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क किया जा सकता है।





