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दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर फटा कार का टायर
जयपुर: राजस्थान के दौसा-मनोहरपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-148 पर शुक्रवार सुबह दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। जयपुर जिले के रायसर थाना क्षेत्र में एक कार का टायर फटने के बाद वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरा। दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। कार सवार सभी छह लोग उत्तर प्रदेश के आगरा के रहने वाले थे और खाटूश्यामजी मंदिर में दर्शन करने के बाद घर लौट रहे थे।
हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की सहायता से कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि मृतकों के शव मोर्चरी भेजे गए। दुर्घटना के बाद हाईवे पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने राहत कार्य के साथ वाहनों की आवाजाही सामान्य कराने की कार्रवाई की।
सुबह करीब छह बजे हुआ हादसा
दुर्घटना शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह करीब छह बजे हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कार मनोहरपुर से दौसा की दिशा में जा रही थी। रायसर के पास अचानक टायर फटने से चालक का नियंत्रण वाहन से हट गया। इसके बाद कार सड़क छोड़कर खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रायसर थाना प्रभारी राजपाल सिंह ने टायर फटने को हादसे की मुख्य वजह बताया है। हालांकि, टायर किस तकनीकी कारण से फटा, इसका विस्तृत निष्कर्ष उपलब्ध नहीं है। टायर की स्थिति, उसमें हवा का दबाव या सड़क पर किसी वस्तु से संपर्क जैसे कारणों के बारे में बिना जांच अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
दुर्घटना के समय चालक कौन था और कार की वास्तविक गति कितनी थी, इसकी भी पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। उपलब्ध विवरण में वाहन अनियंत्रित होने का कारण टायर फटना बताया गया है। किसी व्यक्ति की लापरवाही या तकनीकी खराबी की जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
चार मृतकों और दोनों घायलों की पहचान हुई
पुलिस के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अतुल, रूपेश, मुकुल और शिवा के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों के नाम राहुल और अर्पित बताए गए हैं। सभी आगरा के निवासी थे। छह दोस्तों की यह धार्मिक यात्रा वापसी के दौरान दुखद हादसे में बदल गई।
मृतकों की उम्र और उनके पूरे पते उपलब्ध विवरण में स्पष्ट नहीं हैं। इसी तरह घायलों की चोटों तथा आगे के उपचार की विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी भी सामने नहीं आई है। फिलहाल दोनों के गंभीर रूप से घायल होने और अस्पताल में भर्ती कराए जाने की पुष्टि हुई है। उनके स्वास्थ्य को लेकर अगली जानकारी महत्वपूर्ण होगी। चार लोगों की मौत से जुड़े इस मामले में पहचान की पुष्टि आवश्यक थी, ताकि परिवारों तक सही सूचना पहुंचाई जा सके। शुरुआती रिपोर्टों में शिनाख्त की प्रक्रिया जारी होने की बात थी, जबकि बाद की जानकारी में पुलिस के हवाले से मृतकों और घायलों के नाम सामने आए।
स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए
कार के खाई में गिरने के बाद आसपास मौजूद लोग सहायता के लिए पहुंचे। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी और राहत कार्य में सहयोग किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर वाहन में फंसे लोगों को निकालने की कार्रवाई की। इसके बाद घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
दुर्घटना के बाद प्राथमिक जरूरत कार में मौजूद लोगों तक पहुंचना और घायलों को चिकित्सा सहायता दिलाना थी। उपलब्ध रिपोर्टों में पुलिस तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से बचाव किए जाने का उल्लेख है। किसी विशेष बचाव उपकरण के उपयोग या अस्पताल में की गई चिकित्सा प्रक्रिया का विवरण सार्वजनिक नहीं हुआ है। राहत कार्य के दौरान घटनास्थल के आसपास वाहनों का आवागमन प्रभावित रहा। दुर्घटना देखने के लिए रुकने वाले वाहन और बचाव कार्य के लिए आवश्यक जगह, दोनों ऐसी परिस्थितियों में यातायात व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं। हालांकि, इस मामले में जाम के प्रत्येक कारण का अलग विवरण उपलब्ध नहीं है।
हाईवे पर लगा जाम, क्रेन से निकाली गई कार
हादसे के बाद दौसा-मनोहरपुर हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यात्रियों को करीब एक घंटे तक परेशानी हुई। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेजने और राहत कार्य आगे बढ़ाने के बाद यातायात सामान्य कराया। खाई में गिरी कार को क्रेन की सहायता से बाहर निकाला गया। घटना की शुरुआती और बाद की रिपोर्टों में बचाव कार्य के समय तथा पहचान की स्थिति को लेकर अलग-अलग चरणों की जानकारी है। इसलिए नवीनतम पुष्ट विवरण के अनुसार चार मौतों और दो गंभीर घायलों के आंकड़े को ही आधार बनाया जाना चाहिए। किसी अतिरिक्त मौत या घायलों की स्थिति में बदलाव की पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
जांच से स्पष्ट होंगी हादसे की पूरी परिस्थितियां
पुलिस के सामने अब दुर्घटना की परिस्थितियों को स्पष्ट करने की प्रक्रिया है। टायर फटने का तकनीकी कारण, वाहन की स्थिति और घटनाक्रम का पूरा क्रम सामने आने पर अधिक स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। फिलहाल पुष्टि यही है कि खाटूश्यामजी के दर्शन कर आगरा लौट रहे छह दोस्तों की कार रायसर के पास दुर्घटनाग्रस्त हुई, जिसमें चार की जान चली गई और दो का उपचार जारी है।
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