
तीन जुलाई को ऑपरेशन सरहद अभियान के तहत पकड़े गए अब्दुल सत्तार से पूछताछ में कई अहम जानकारियां समाने आई हैं।
राजस्थान के हुनमानगढ़ जिले से तीन जुलाई को गिरफ्तार किए गए अब्दुल सत्तार का पाकिस्तान से कनेक्शन सामने आया है। वह अपनी मां के साथ रिश्तेदारों से मिलने बचपन से ही पाकिस्तान जा रहा था। सबसे पहले वह 2010 में 14 साल की उम्र में पाकिस्तान गया था। उसके बाद से वह पांच बार वहां जा चुका है। इस दौरान वह आईएसआई के संपर्क में आया और फिर वापस आकर सामरिक सूचनाएं देने लगा। आरोप है कि उसने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को बॉर्डर पोस्ट और सीमावर्ती क्षेत्र के फोटो-वीडियो साझा किए हैं।
दरअसल, तीन जुलाई को राजस्थान सीआईडी इंटेलिजेंस पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियाें के साथ मिलकर ऑपरेशन सरहद अभियान के तहत श्री गंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू से तीन जासूसों को गिरफ्तार किया था। यह तीनों जासूस आईएसआई को सामरिक महत्व की सूचनाएं दे रहे थे। इस दौरान पूछताछ में सामने आया था कि अब्दुल सत्तार कई बार पाकिस्तन जा चुका है। इसके बाद से उससे कड़ी पूछताछ की जा रही थी। जिसमें कई अहम जानकारियां समाने आई हैं। पकड़े गए दो अन्य आरोपी हनीट्रैप में फंसकर और पैसों के लिए काम कर रहे थे।
लंबे समय तक पाकिस्तान में रुका सत्तार
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब्दुल सत्तार हनुमानगढ़ के डबली राठान कस्बे के जोधका बास मोहल्ले का रहने वाला है। उसकी मां मुमताज बेगम का ननिहाल पाकिस्तान के बहावलनगर जिले में है। 2010 में वह 14 साल की उम्र में अपनी मां के साथ पाकिस्तान गया था। इसके बाद 2017 तक वह पांच बार और पाकिस्तान जा चुका है। इस दौरान वह काफी समय वहां रहा, हालांकि अब तक यह सामने नहीं आया है कि वह अपनी मां के ननिहाल में रुका था या उसका ठिकाना कहीं और था। इस संबंध में भी एजेंसी उससे पूछताछ कर रही है।
आईएसआई की ओर से दिया गया पैसा
इंटेलिजेंस एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि सत्तार ने आईएसआई को बॉर्डर पोस्ट और सीमावर्ती इलाके के सामरिक जानकारी देने के लिए फोटो-वीडियो भेजे हैं। इसके बदले उसे आईएसआई की ओर से पैसे भी भेजे गए हैं। एजेंसियों उसके खातों की जांच कर रही हैं। जांच में सामने आएगा कि उसे कितना पैसा कब-कब दिया गया है।
दो साल पहले हो गई थी पिता की मौत
2020 में अब्दुल सत्तार के पिता का देहांत हो गया था। वह अपनी मां के साथ रहता था। उसकी एक बहन भी है जिसका कुछ साल पहले निकाह हो गया है। दसवीं तक पढ़े सत्तार और उसकी मां पर करीब दस लाख रुपये बैंक का कर्ज है। इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मां और बेटे के नाम पर करीब 35 बीघा जमीन भी है।
गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों के बारे में भी जानिए
दूसरा आरोपी नितिन यादव श्री गंगानगर के सूरतगढ़ का रहने वाला है। वह छावनी इलाके में फल-सब्जी आदि बेचता है। अपने काम को लेकर वह प्रतिबंधित क्षेत्रों में भी आता-जाता रहता था। पाकिस्तानी महिला एजेंट ने उसे हनी ट्रैप में फंसाया और फिर सामरिक महत्व की सूचनाएं साझा करने के लिए तैयार किया। इसके बाद से नितिन उसे लगातार फोटो और वीडियो भेज रहा था। इसके बदले में उसे पैसे भी दिए जाते थे। तीसरा आरोपी राम सिंह बाड़मेर का रहने वाला है। वर्तमान में वह चूरू में रहकर एक फैक्ट्री में काम कर रहा था। इसपर भी आईएसआई के लिए जासूसी करने का आरोप है। अब तक दोनों का कोई पाकिस्तानी कनेक्शन सामने नहीं आया है। हालांकि, एजेंसियां दोनों से पूछताछ कर रही हैं।





