
पाली : रात का सन्नाटा, खेत में पसरा अंधेरा और शिकार की तलाश में घात लगाकर बैठा लेपर्ड… उसे शायद सूअरों के झुंड के आने का इंतजार था। कुछ ही देर में सूअरों का झुंड उसके करीब पहुंच गया। बेखबर सूअर आसपास घूमते रहे और शिकारी बिना हिले-डुले सही मौके की ताक में बैठा रहा। जैसे ही सूअर का एक बच्चा उसकी पहुंच में आया, लेपर्ड ने पलक झपकते ही झपट्टा मारा और उसे दबोच लिया। शिकार का यह पूरा घटनाक्रम पास की गोशाला में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
घटना पाली जिले के सादड़ी थाना क्षेत्र के मादा गांव की है। यहां मंगलेश्वर महादेव गोशाला के पीछे गुरुवार रात करीब 11 बजकर 34 मिनट पर लेपर्ड ने सूअर के बच्चे का शिकार किया। सीसीटीवी फुटेज में लेपर्ड की घात, सूअरों के झुंड की आवाजाही और अचानक हुए हमले का घटनाक्रम दिखाई दे रहा है।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, लेपर्ड गोशाला के पीछे खेत में सूअरों के झुंड को आते देखकर रुक गया। करीब चार से पांच सूअर उसके आसपास घूमते रहे, लेकिन उन्हें शिकारी की मौजूदगी का अहसास नहीं हुआ। लेपर्ड काफी देर तक शांत बैठा रहा और शिकार की सही दूरी बनने का इंतजार करता रहा।
गोशाला व्यवस्थापक उम्मेदसिंह रापुरोहित के मुताबिक लेपर्ड ने दो से तीन बार हमला करने की स्थिति बनाई, लेकिन सही मौका नहीं मिलने पर वह फिर बैठ गया। आखिरकार सूअर का बच्चा जैसे ही उसके नजदीक आया, लेपर्ड ने तेजी से झपट्टा मारा और उसे पकड़ लिया। कुछ ही सेकेंड में शिकार का घटनाक्रम पूरा हो गया।
गोशाला व्यवस्थापक ने बताया कि शुक्रवार सुबह गोशाला के पीछे लेपर्ड के पैरों के निशान, खून के धब्बे और सूअर के बच्चे का मृत शरीर मिला। इसके बाद रात की घटना के बारे में जानकारी सामने आई और सीसीटीवी फुटेज देखने पर शिकार का पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हुआ। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची।
देसूरी वन विभाग के रेंजर बलदेव राम ने बताया कि लेपर्ड के लिए जंगली सूअर का शिकार करना सामान्य व्यवहार है। सीसीटीवी फुटेज में भी दिखाई दे रहा है कि सूअरों को लेपर्ड की मौजूदगी का पता नहीं चला और वे उसके नजदीक घूमते रहे। इसी का फायदा उठाकर लेपर्ड ने सूअर के बच्चे पर हमला कर दिया।





