राजस्थान

ग्वार-गम फैक्ट्री में अग्निकांड से हड़कंप, लपटों के बीच निकले मजदूर

Admindelhi1
19 Oct 2026 1:20 PM IST
ग्वार-गम फैक्ट्री में अग्निकांड से हड़कंप, लपटों के बीच निकले मजदूर
x
आधी रात को आग से घिरी फैक्ट्री, सुरक्षित निकलने के लिए दौड़े मजदूर

पाली: औद्योगिक क्षेत्र के फोर्थ फेज में रविवार रात एक ग्वार-गम फैक्ट्री में लगी भीषण आग ने अफरा-तफरी मचा दी। सारड़ा बायो पॉलिमर्स फैक्ट्री में रात करीब 11:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। जान बचाने के लिए मजदूर आग के बीच से बाहर की ओर भागे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ मजदूर जलते कपड़ों के साथ ‘बचाओ-बचाओ’ चिल्लाते हुए फैक्ट्री से बाहर निकले। हादसे में तीन मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि दो अन्य मजदूरों के अंदर फंसे होने की आशंका के चलते उनकी तलाश की गई।

जानकारी के अनुसार, हादसे के समय फैक्ट्री में 17 मजदूर रात की पारी में काम कर रहे थे। प्रारंभिक जानकारी में लिफ्ट में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया गया है। आग तेजी से फैलने के कारण मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

इनमें से 12 मजदूर किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे, जबकि विक्की (19), अवधेश कुमार (40) और राजू (28) गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों के करीब 70 प्रतिशत तक झुलसने की जानकारी सामने आई है। उन्हें तत्काल बांगड़ अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद जोधपुर रेफर कर दिया गया।

फैक्ट्री में आग लगने के बाद आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग की ऊंची लपटें देखकर बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए।

गुरु नगर निवासी रवि और महेंद्र ने बताया कि वे सजावट का काम करते हैं। आग की जानकारी मिलने पर वे मौके पर पहुंचे, जहां कुछ युवक झुलसी हुई हालत में मिले। एंबुलेंस को सूचना देने के साथ ही उन्होंने घायलों को अपनी कार से बांगड़ अस्पताल पहुंचाया।

वहीं, वार्ड-54 के पार्षद प्रतिनिधि गोपाल पंवार ने बताया कि वे पास के गरबा पांडाल में मौजूद थे। फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलने पर वे घटनास्थल पहुंचे, जहां दो युवक बुरी तरह झुलसी हालत में सड़क पर पड़े मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल भिजवाया गया।

आग की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पाली के साथ सोजत, रानी, फालना और सुमेरपुर से भी दमकल वाहन बुलाने पड़े। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब साढ़े चार घंटे की मशक्कत के बाद सोमवार तड़के लगभग चार बजे आग पर काबू पाया जा सका। इस दौरान दमकल की करीब आठ गाड़ियों ने 55 फेरे लगाकर आग बुझाने में योगदान दिया।

हादसे की सूचना मिलने पर पाली एसडीएम विमलेंद्र सिंह राणावत, सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत और औद्योगिक थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आग के कारण फैक्ट्री में रखा सामान और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जल गई।

फैक्ट्री परिसर में गैस के बड़े सिलेंडर भी रखे हुए थे। गनीमत रही कि आग उन तक नहीं पहुंची। यदि आग सिलेंडरों तक फैल जाती तो हादसा और भी गंभीर हो सकता था। आग बुझने के बाद फैक्ट्री में मलबा हटाने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। अंदर फंसे होने की आशंका वाले मजदूरों की तलाश के लिए भी मलबा हटाने का काम किया गया।

फैक्ट्री में आग बुझाने के लिए अग्निशमन तंत्र लगा हुआ था, लेकिन अचानक आग भड़कने और मजदूरों के जान बचाकर बाहर भागने के कारण इसका उपयोग नहीं हो सका। बाद में जेसीबी से दीवार तोड़ने के दौरान पाइप भी टूट गया। घटना के बाद फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों और आग लगने के वास्तविक कारणों को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

Next Story