राजस्थान

बिजली बिलों में 21 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज की दर तय

Admin Delhi 1
28 Oct 2022 6:36 AM GMT
बिजली बिलों में 21 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज की दर तय
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जयपुर न्यूज़: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को एक बार फिर फ्यूल सरचार्ज का करंट लगने वाला है। राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोक ने वर्ष 2021-22 की तृतीय तिमाही के लिए 21 पैसे प्रति यूनिट फ्यूल सरचार्ज की दर तय की है। ऐसे में नवम्बर और दिसम्बर महीने के बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को 21 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से फ्यूल सरचार्ज चुकाना होगा। हालांकि प्रदेश के कृषि उपभोक्ताओं पर फ्यूल सरचार्ज की राशि का कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। क्योंकि कृषि उपभोक्ताओं की फ्यूल सरचार्ज की राशि को सरकार अनुदान के रूप में खुद वहन करेगी। प्रमुख शासन सचिव ऊर्जा एवं अध्यक्ष डिस्कॉम्स भास्कर ए सावंत ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 की तृतीय तिमाही अक्टूबर 2021 से दिसम्बर 2021 के लिए विद्युत विनियामक आयोग की ओर से निर्धारित गणना प्रक्रिया के अनुसार उपभोक्ताओं से वसूली योग्य फ्यूल सरचार्ज की राशि 21 पैसे प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। यह राशि पिछली तिमाही जुलाई 2021 से सितम्बर 2021 के उपभोग पर वसूलनीय है। उन्होंने बताया कि कृषि श्रेणी के अतिरिक्त अन्य उपभोक्ताओं पर आने वाले भार को देखते हुए राहत देने के उद्देश्य से इस फ्यूल सरचार्ज राशि को दो समान किश्तों में नवम्बर व दिसम्बर 2022 के बिजली बिलों के माध्यम से वसूल किया जाएगा। सावंत ने बताया कि कृषि श्रेणी में लगने वाले फ्यूल सरचार्ज की राशि को राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वहन किया जाएगा।

क्यों वूसला जाता है फ्यूल सरचार्ज: डिस्कॉम विद्युत आपूर्ति के लिए विभिन्न स्रोतों से राजस्थान राज्य विद्युत विनियामक आयोग (आरईआरसी) द्वारा निर्धारित स्थायी एवं परिवर्तनीय दर से बिजली की खरीद करता है। आयोग के टैरिफ विनियम-2019 के प्रावधान के अनुसार विद्युत खरीद की अनुमोदित परिवर्तित दर यानि अपू्रव्ड वैरिएबल कॉस्ट एवं विद्युत खरीद की वास्तविक परिवर्तित दर यानि एक्चुअल वैरिएबल कॉस्ट का अन्तर फ्यूल सरचार्ज के रूप में त्रैमासिक आधार पर विद्युत निगमों द्वारा विद्युत उपभोक्ताओं से वसूल करने का प्रावधान है। विद्युत खरीद की वास्तविक परिवर्तित दर एक्चुअल वैरिएबल कॉस्ट अधिक होने का मुख्य कारण कोयले की दरों में वृद्धि, मालभाडेÞ में वृद्धि एवं विभिन्न करों में बदलाव है।

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