
उदयपुर: उदयपुर जयपुर की पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा सप्ताहभर पहले गुजरात के हिम्मतनगर के निजी यशदीप हॉस्पिटल से पकड़े गए 2 डॉक्टरोंं की सोमवार को कोर्ट में पेशी हुई। जयपुर की पीसीपीएनडीटी टीम द्वारा सप्ताहभर पहले गुजरात के हिम्मतनगर के निजी यशदीप हॉस्पिटल से पकड़े गए 2 डॉक्टरोंं की सोमवार को कोर्ट में पेशी हुई। जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। राजस्थान की पीसीपीएनडीटी टीम ने भ्रूण लिंग जांच करते यशदीप हॉस्पिटल के संचालक चिकित्सक महेन्द्र कुमार और सहायक चिकित्सक दीपक कुमार पटेल को एक सप्ताह पहले पकड़ा था, लेकिन अचानक कार्रवाई से इनकी तबीयत इतनी बिगड़ गई थी कि दोनों खुद ही पास के निजी हॉस्पिटल में एडमिट हो गए।
ऐसे में इनकी निगरानी के लिए दो सुरक्षागार्ड तैनात किए गए। अब दोनों के स्वस्थ होने पर इनकी कोर्ट में पेशी हुई है। बता दें, टीम ने पुलिस के सहयोग से कार्रवाई करते हुए उदयपुर निवासी महिला दलाल शांता देवी को भी गिरफ्तार किया था। इनसे भ्रूण लिंग जांच की एवज में लिए गए 10 हजार रुपए और सोनोग्राफी मशीन जब्त की गई थी।
40 हजार रुपए में हुआ भ्रूण लिंग परीक्षण का सौदा
मुखबिर की सूचना पर विभाग को ये पता लगा था कि राजस्थान-गुजरात बॉर्डर पर भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले गिरोह सक्रिय हैं। इसके बाद पुलिस के साथ एक टीम गठित की गई। मुखबिर ने पहले दलाल महिला से सम्पर्क किया। जिसने भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में 40 हजार रुपए की मांग की थी। महिला दलाल शांता देवी निजी वाहन से गर्भवती महिला एवं सहयोगी को लेकर गुजरात के सामलाजी मंदिर गए। जहां से उसे हिम्मतनगर स्थित निजी यशदीप अस्पताल लेकर गए। जहां हॉस्पिटल के डॉ.महेन्द्र कुमार एवं दीपक ने डिकॉय महिला की सोनोग्राफी की और गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग के बारे में जानकारी दी। इस पर डिकॉय महिला का ईशारा मिलते ही टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण के आरोप में दलाल को गिरफ्तार कर लिया।





