राजस्थान

Ajmer: सिर पर काला कपड़ा, चश्मे पर ‘अंधा कानून’, डॉ. जयपाल का विरोध

Admindelhi1
11 Sept 2026 10:49 AM IST
Ajmer: सिर पर काला कपड़ा, चश्मे पर ‘अंधा कानून’, डॉ. जयपाल का विरोध
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काले कपड़े और ‘अंधा कानून’ चश्मे से जताया विरोध

अजमेर: अजमेर नगर निगम के वार्ड संख्या 61 में जारी चुनावी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक पक्षपात एवं आचार संहिता के कथित उल्लंघन के विरोध में अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. राजकुमार जयपाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अजमेर कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान डॉ. राजकुमार जयपाल ने सिर पर काला कपड़ा बांधकर तथा आंखों पर ‘अंधा कानून’ लिखा काला चश्मा पहनकर प्रशासनिक रवैये के प्रति विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में विभिन्न तख्तियां लेकर चुनाव प्रक्रिया में समान अवसर और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि वार्ड 61 में पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अपनाए जा रहे रवैये में दोहरे मापदंड नजर आ रहे हैं। डॉ. जयपाल ने कहा कि चुनाव मैदान में आमने-सामने खड़ी दोनों महिला प्रत्याशियों के पति पुलिस विभाग में एएसआई पद पर कार्यरत हैं। कांग्रेस का आरोप है कि उसके प्रत्याशी के एएसआई पति को अवकाश नहीं दिया गया तथा बाद में निलंबित कर दिया गया, जबकि भाजपा प्रत्याशी के एएसआई पति को चुनाव प्रचार के लिए अवकाश दिया गया।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी के पति की तैनाती उनके गृह क्षेत्र सिविल लाइन थाने में ही रखी गई है। पार्टी ने निर्वाचन आयोग एवं प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नियमों के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की।

डॉ. राजकुमार जयपाल ने आरोप लगाया कि देर रात प्रत्याशी के परिजनों की गाड़ी को रोकने, अभद्रता करने तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रचार सामग्री लगाने से रोकने जैसी घटनाएं भी सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन सभी प्रत्याशियों को समान अवसर नहीं देता है तो इससे चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में निर्वाचन प्रक्रिया का निष्पक्ष और पारदर्शी होना आवश्यक है। किसी भी राजनीतिक दल या प्रत्याशी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से वार्ड 61 की परिस्थितियों का तत्काल संज्ञान लेकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाए तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की।

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