पंजाब

Zirakpur: रेप पीड़िता की आत्मदाह की घटना पर पैनल ने की जांच की चेतावनी

Payal
30 April 2026 1:13 PM IST
Zirakpur: रेप पीड़िता की आत्मदाह की घटना पर पैनल ने की जांच की चेतावनी
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Punjab.पंजाब: जीरकपुर में बलटाना पुलिस पोस्ट के बाहर एक महिला द्वारा आत्मदाह की कोशिश ने स्थानीय प्रशासन और जनता में गहरा हड़कंप मचा दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पंजाब ह्यूमन राइट्स पैनल ने स्वयं संज्ञान लिया और मामले की त्वरित जांच की घोषणा की। अधिकारियों के अनुसार, महिला पीड़िता ने यह कदम तब उठाया जब उसे न्याय मिलने में लगातार देरी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, महिला ने पुलिस पोस्ट के सामने पेट्रोल छिड़ककर आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और पीड़िता को गंभीर स्थिति में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। चिकित्सकों ने बताया कि महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य की देखभाल आवश्यक है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि पीड़िता ने पहले भी बलटाना पुलिस पोस्ट में कई बार शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बलात्कार और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। लेकिन शिकायतों के लंबित रहने और कार्रवाई में देरी ने महिला को मानसिक तनाव में डाल दिया। इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं और महिलाओं की सुरक्षा और न्याय प्रणाली की स्थिति पर चिंता बढ़ा दी है। पंजाब ह्यूमन राइट्स पैनल ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि यह घटना महिला अधिकारों और सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत गंभीर है। पैनल ने बलटाना पुलिस पोस्ट से पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी है और जांच के लिए टीम गठित की है। पैनल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को पीड़िता को न्याय और सुरक्षा प्रदान करने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में न केवल पुलिस और प्रशासन जिम्मेदार हैं, बल्कि पीड़िता को मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और कानूनी सहायता भी तुरंत उपलब्ध कराना जरूरी है। लंबित शिकायत और न्याय न मिलने की स्थिति पीड़ित को तनाव और हताशा में डाल सकती है, जैसा कि इस घटना में देखा गया। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकार संगठन भी घटना पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। उनका कहना है कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी से कार्रवाई करना ही भविष्य में ऐसे घटनाओं को रोकने का एकमात्र उपाय है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि पीड़िता को सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य सहायता भी उपलब्ध कराई जाए।
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