पंजाब

Kapurthala में महिला और दो बेटों की डूबने की घटना, प्रशासन अलर्ट

Ratna Netam
6 May 2026 6:14 PM IST
Kapurthala में महिला और दो बेटों की डूबने की घटना, प्रशासन अलर्ट
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Jalandhar.जालंधर: कपूरथला में एक महिला ने अपने दो बेटों के साथ काली बेईं में छलांग लगा दी, जिससे दोनों बच्चे डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और बचाव दल तुरंत मौके पर पहुँचे और बच्चों और महिला को सुरक्षित निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह घटना रविवार सुबह हुई। महिला अचानक अपने बच्चों के साथ काली बेईं के पास पहुंची और छलांग लगा दी। पास के ग्रामीण और राहगीर घटना को देखकर घबरा गए और तुरंत पुलिस और बचाव दल को सूचना दी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि महिला को पानी से बाहर निकाल लिया गया है और उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है। वहीं, बच्चों की स्थिति चिंताजनक है और उन्हें बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। गोताखोर और स्थानीय बचाव टीम काली बेईं में तलाशी कर रहे हैं।
इस घटना के संबंध में महिला के परिवार ने बताया कि वह मानसिक दबाव और पारिवारिक समस्याओं से जूझ रही थी। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला ने ऐसा कदम क्यों उठाया। परिवार ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया।
स्थानीय प्रशासन ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की है और कहा कि इस तरह की घटनाओं से निपटने के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता और सामाजिक सेवाओं का महत्व बढ़ गया है। जिला प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाएं और ऐसे मामलों पर सतर्क रहें।
स्थानीय निवासी भी इस घटना से स्तब्ध हैं। कई लोग मौके पर इकट्ठा हुए और बचाव दल की मदद कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि यह घटना पूरे इलाके में शोक और चिंता का कारण बनी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक तनाव अक्सर इस तरह की गंभीर घटनाओं का कारण बन सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने आस-पड़ोस में मानसिक रूप से परेशान व्यक्तियों की मदद करें और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराएँ।
इस दुखद घटना ने यह स्पष्ट किया कि केवल आर्थिक या भौतिक मदद ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक और सामाजिक समर्थन भी उतना ही जरूरी है। प्रशासन और पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
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