पंजाब
LPU में हिंसा: बीजेपी ने पंजाब सरकार को घेरा, विफलता का लगाया आरोप
Tara Tandi
29 Sept 2026 1:40 PM IST

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चंडीगढ़: पंजाब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के महासचिव अनिल सरीन ने सोमवार को जालंधर की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुई अप्रिय घटनाओं की निंदा की। सरीन ने इस घटना के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया।
उन्होंने कहा कि बाहर से आए लोग हथियार लेकर यूनिवर्सिटी परिसर में घुसे, लड़कियों के हॉस्टल में घुसने की कोशिश की और बदसलूकी की।
उन्होंने सवाल किया कि ये लोग कौन थे जिन्होंने पुलिस की मौजूदगी में यूनिवर्सिटी में तोड़-फोड़ और आगज़नी की।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र कभी भी अपने ही क्लासरूम और लैब में आग नहीं लगा सकते।
सरीन ने कहा कि पंजाब सरकार का स्तर इतना गिर गया है कि अगर उसका कोई राज्यसभा सदस्य पार्टी की नीतियों और भ्रष्टाचार से नाराज़ होकर किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो जाता है, तो उसके ख़िलाफ़ इस तरह की राजनीति की जाती है।
राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाते हुए सरीन ने कहा कि बाहर से आए लोग यूनिवर्सिटी में आग लगाकर चले गए, जबकि पंजाब पुलिस सिर्फ़ तमाशबीन बनी रही।
उन्होंने कहा, "यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए, जो गंभीर चिंता का विषय है।"
सरीन ने इस मामले की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच और ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की।
इस बीच, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी ने अपने कैंपस में हुई हिंसा के लिए बाहरी लोगों के आने को ज़िम्मेदार ठहराया; इस हिंसा के दौरान छात्रों के बीच अशांति के बीच विरोध-प्रदर्शन, तोड़-फोड़ और आगज़नी हुई।
यूनिवर्सिटी ने कहा कि घटना के बाद वह कैंपस में सुरक्षा मज़बूत करने और शांति बनाए रखने के लिए कदम उठा रही है।
यूनिवर्सिटी का यह बयान छात्रों के उन आरोपों के बीच आया है जिनमें कहा गया है कि अशांति के दौरान तोड़-फोड़ और आगज़नी में बाहरी लोग शामिल थे।
हालांकि, कथित बाहरी लोगों की भूमिका और हिंसा की वजह बने हालात जांच का विषय हैं।
पिछले दो दिनों से छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शन के बाद तनाव के माहौल में पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने कैंपस का दौरा किया। यह दौरा मुख्यमंत्री भगवंत मान के उस निर्देश के बाद हो रहा है जिसमें उन्होंने DGP को यूनिवर्सिटी जाकर हालात का जायजा लेने को कहा था। यह निर्देश छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा, तोड़-फोड़ और पुलिस की तीन गाड़ियों में आग लगाए जाने की घटनाओं के बाद दिया गया था।
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