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LPU मॉल में तोड़फोड़ और लूटपाट
जालंधर: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) परिसर से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मॉल जैसी जगह पर कई लोग दुकानों के भीतर घुसकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान तलाशते और सामान उठाते नजर आ रहे हैं। वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि वहां से PS5, महंगे लैपटॉप और दूसरे गैजेट्स गायब हुए हैं। कुछ लोग दुकानों में आईफोन और अन्य महंगे मोबाइल फोन तलाशते भी दिखाई दे रहे हैं। वायरल वीडियो सामने आने के बाद घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वीडियो में कई लोगों की आवाजाही और दुकानों के भीतर अव्यवस्था जैसी स्थिति दिखाई देती है। हालांकि, वायरल दावों में बताए गए सामान और कुल नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
#LPU_यूनिवर्सिटी मॉल का चोरी करते का वीडियो आया सामने युवको की जा रही पहचान #lpu #LPUNews #CCTV pic.twitter.com/8DTvWKXk5w
— Journalist Mohit pandey ( Dainik jagran) (@ArijitPandey4) September 28, 2026
महंगे गैजेट्स गायब होने का दावा
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में दावा किया जा रहा है कि कुछ दुकानों से गेमिंग कंसोल, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान गायब हो गए। PS5 जैसे महंगे गेमिंग डिवाइस और प्रीमियम लैपटॉप को लेकर भी चर्चा हो रही है। दुकानों में रखे मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद भी निशाने पर होने का दावा किया गया है। वीडियो में कुछ लोग काउंटर और डिस्प्ले एरिया के पास सामान तलाशते दिख रहे हैं।
आईफोन खोजते दिखे लोग
वायरल क्लिप में कुछ लोगों को मोबाइल फोन से जुड़ी दुकानों और काउंटर के आसपास घूमते देखा जा सकता है। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि वे आईफोन और दूसरे महंगे स्मार्टफोन खोज रहे थे। घटना के बाद दुकानों में कितना नुकसान हुआ और कितने उत्पाद गायब हुए, इसकी वास्तविक तस्वीर संबंधित प्रबंधन और जांच अधिकारियों की पुष्टि के बाद सामने आएगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना से जुड़ा वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैल गया। कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
वायरल वीडियो के आधार पर कई दावे किए जा रहे हैं, लेकिन घटना से जुड़े हर दावे की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान और उनकी भूमिका भी जांच का विषय हो सकती है।
नुकसान का आकलन हो सकता है
दुकानों में मौजूद स्टॉक, बिलिंग रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर नुकसान का आकलन किया जा सकता है। इससे यह पता चल सकेगा कि कौन-कौन सा सामान गायब हुआ और घटना के समय कितने लोग वहां मौजूद थे। यदि शिकायत दर्ज होती है तो पुलिस CCTV फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान वाली दुकानों में हुई कथित लूटपाट की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के एक साथ दुकानों में पहुंचने की स्थिति में सुरक्षा प्रबंधन किस तरह प्रभावित हुआ, इसकी भी जांच हो सकती है। फिलहाल वायरल वीडियो और उससे जुड़े दावों के कारण मामला चर्चा में है। संबंधित पक्षों की आधिकारिक जानकारी के बाद घटना और नुकसान की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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