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पंजाब पहुंचे उपराष्ट्रपति, छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश

Kavita2
4 Sept 2026 4:25 PM IST
पंजाब पहुंचे उपराष्ट्रपति, छात्रों को नशे से दूर रहने का संदेश
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चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर एवं भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार को पंजाब यूनिवर्सिटी का दौरा किया। उपराष्ट्रपति बनने के बाद यह पंजाब यूनिवर्सिटी में उनका पहला दौरा रहा। विश्वविद्यालय पहुंचने पर प्रशासन की ओर से उनका स्वागत किया गया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में शोध, नवाचार और उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा एवं शोध संस्थान के रूप में विकसित करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

उपराष्ट्रपति ने अपने संबोधन से पहले पंजाब यूनिवर्सिटी की सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट फैसिलिटी एवं सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लैबोरेटरीज (SAIF-CIL) में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी टेक इनोवेशन फोरम (PU-TIF) का भी उद्घाटन किया। इन दोनों पहलों को विश्वविद्यालय में अत्याधुनिक शोध, तकनीकी विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी के माध्यम से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को आधुनिक वैज्ञानिक उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों तक बेहतर पहुंच मिलने की उम्मीद है। इससे विभिन्न विषयों में होने वाले शोध कार्यों की गुणवत्ता को बढ़ावा मिल सकता है। वहीं, पंजाब यूनिवर्सिटी टेक इनोवेशन फोरम के माध्यम से शोध और तकनीक को नवाचार तथा व्यावहारिक उपयोग से जोड़ने की दिशा में काम करने पर जोर दिया जाएगा।

अपने संबोधन में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान केवल उसकी शैक्षणिक उपलब्धियों से नहीं होती, बल्कि वहां होने वाले शोध, नवाचार और विद्यार्थियों के समग्र विकास से भी होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी को विश्वस्तरीय उच्च शिक्षा और शोध संस्थान बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन, शिक्षक, विद्यार्थी और शोधकर्ताओं को मिलकर प्रयास करना होगा।

उन्होंने विश्वविद्यालय समुदाय से शिक्षा और शोध के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विद्यार्थियों में प्रतिभा और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। जरूरत इस बात की है कि उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जाए और उन्हें ज्ञान, शोध, नवाचार तथा राष्ट्र निर्माण से जोड़ा जाए।

इस दौरान उपराष्ट्रपति ने युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उन्हें अपने भविष्य को मजबूत बनाने के लिए नशे जैसी बुराइयों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और अपनी ऊर्जा को शिक्षा, खेल, शोध तथा रचनात्मक गतिविधियों में लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नशे की लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उसके परिवार और समाज पर भी गंभीर प्रभाव डालती है।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि देश के विकास में विश्वविद्यालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उच्च शिक्षण संस्थानों को केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उन्हें ऐसे वातावरण का निर्माण करना चाहिए जहां विद्यार्थी नए विचारों के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने शोधकर्ताओं को नई तकनीकों और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण का इस्तेमाल करते हुए देश की समस्याओं के समाधान खोजने की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि भारत तेजी से विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऐसे में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि वे देश की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा दें। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा शोध एवं नवाचार के लिए आवश्यक सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।

पंजाब यूनिवर्सिटी में एडवांस्ड इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी और पीयू-टीआईएफ के उद्घाटन को इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। अत्याधुनिक उपकरणों से लैस शोध सुविधाएं विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को प्रयोगात्मक कार्यों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकती हैं। साथ ही, टेक इनोवेशन फोरम के माध्यम से विश्वविद्यालय में विकसित होने वाले शोध और तकनीकी विचारों को आगे बढ़ाने तथा उन्हें उपयोगी नवाचारों में बदलने की संभावनाएं मजबूत होंगी।

उपराष्ट्रपति के दौरे के दौरान विश्वविद्यालय में शिक्षा, शोध, नवाचार और छात्र कल्याण से जुड़े विषय प्रमुखता से सामने आए। उनके संबोधन में जहां पंजाब यूनिवर्सिटी को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों की जरूरत पर जोर दिया गया, वहीं युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचाने का संदेश भी प्रमुख रहा।

विश्वविद्यालय समुदाय के लिए उपराष्ट्रपति का यह दौरा इसलिए भी महत्वपूर्ण रहा क्योंकि उपराष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पंजाब यूनिवर्सिटी का पहला दौरा था। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की शोध एवं नवाचार संबंधी क्षमताओं को मजबूत करने वाली नई सुविधाओं का उद्घाटन किया और विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य के लिए सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

कुल मिलाकर, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का पंजाब यूनिवर्सिटी दौरा शिक्षा, शोध, तकनीकी नवाचार और युवा जागरूकता के संदेश के साथ संपन्न हुआ। उनके संबोधन में विश्वविद्यालय को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने के लिए प्रशासन से लेकर विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं तक सभी की साझा जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया।

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