
जालंधर। वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) नहीं लगी है या नंबर प्लेट के साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की गई है तो जालंधर में अब पेट्रोल, डीजल या सीएनजी लेने में परेशानी होगी। कमिश्नरेट पुलिस ने ऐसे वाहनों को ईंधन नहीं देने का आदेश जारी किया है। आदेश के दायरे में बिना नंबर प्लेट और जरूरी एचएसआरपी के बिना चलने वाले वाहनों के साथ टूटी, मुड़ी, क्षतिग्रस्त, बदली हुई या जानबूझकर संशोधित नंबर प्लेट वाले वाहन भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार यह कदम सार्वजनिक सुरक्षा और वाहनों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह की ओर से भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया गया है। यह व्यवस्था 21 सितंबर 2026 से लागू हो चुकी है और 20 नवंबर तक प्रभावी रहने की बात कही गई है। जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर सतिंदर सिंह को पुलिस कमिश्नर और जसरूप कौर बाठ को डीसीपी लॉ एंड ऑर्डर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
आदेश का सीधा असर उन वाहन चालकों पर पड़ेगा, जिनके वाहनों पर नियमानुसार नंबर प्लेट नहीं लगी है। पेट्रोल पंपों को ऐसे वाहनों को ईंधन देने से मना किया गया है। इसका मतलब यह है कि वाहन पर आगे और पीछे निर्धारित नंबर प्लेट स्पष्ट और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए।
पुलिस ने केवल बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर ही सख्ती नहीं की है। अगर नंबर प्लेट टूटी हुई है, उसे जानबूझकर मोड़ा गया है, नंबर या अक्षर छिपाए गए हैं अथवा प्लेट में ऐसा बदलाव किया गया है जिससे वाहन की पहचान मुश्किल हो, तो ऐसे वाहन भी कार्रवाई के दायरे में आएंगे। इसी तरह एचएसआरपी की अनिवार्यता वाले वाहन पर निर्धारित प्लेट नहीं होने की स्थिति में ईंधन नहीं दिया जाएगा।
पुलिस का मानना है कि किसी वाहन की पहचान के लिए उसकी नंबर प्लेट सबसे महत्वपूर्ण माध्यमों में से एक है। सड़क दुर्घटना, आपराधिक घटना या किसी संदिग्ध गतिविधि के दौरान वाहन की पहचान अक्सर उसके रजिस्ट्रेशन नंबर से की जाती है। अगर नंबर प्लेट गायब हो, अस्पष्ट हो या उससे जानबूझकर छेड़छाड़ की गई हो तो वाहन की पहचान करने में परेशानी हो सकती है।
इसी कारण पुलिस ने ईंधन बिक्री को नंबर प्लेट नियमों के अनुपालन से जोड़कर सख्ती बढ़ाई है। पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों के लिए भी अब वाहन की नंबर प्लेट पर ध्यान देना जरूरी होगा। यदि कोई वाहन आदेश में बताई गई श्रेणी में आता है तो उसे पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दिया जाएगा।
जालंधर पुलिस का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद वाहन चालकों को निर्धारित नियमों के अनुसार नंबर प्लेट लगाने के लिए प्रेरित करने के साथ सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। खासकर ऐसे वाहनों पर नजर रखने में इससे मदद मिलने की उम्मीद है, जिनकी नंबर प्लेट को जानबूझकर इस तरह बदला जाता है कि सीसीटीवी कैमरों या प्रत्यक्षदर्शियों के लिए उसकी पहचान करना मुश्किल हो जाए।
एचएसआरपी सामान्य नंबर प्लेट की तुलना में निर्धारित सुरक्षा विशेषताओं के साथ तैयार की जाती है और वाहन की पहचान से जुड़ी होती है। इसलिए वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वाहन की नंबर प्लेट की स्थिति जांच लें। अगर प्लेट क्षतिग्रस्त है या एचएसआरपी लगवाना आवश्यक है तो समय रहते इसे ठीक कराया जाए।
पुलिस के इस आदेश के बाद पेट्रोल पंपों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। ईंधन भरवाने के लिए पहुंचने वाले वाहनों पर नंबर प्लेट की स्थिति देखी जाएगी। स्थानीय रिपोर्टों में पेट्रोल, डीजल के साथ सीएनजी की आपूर्ति पर भी यह पाबंदी लागू होने की बात कही गई है।
आदेश लागू होने के बाद ऐसे वाहन चालकों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है जो लंबे समय से बिना नंबर प्लेट या क्षतिग्रस्त प्लेट के वाहन चला रहे हैं। कई बार दुर्घटना में नंबर प्लेट टूटने के बाद वाहन मालिक उसे बदलवाने में देरी करते हैं। वहीं कुछ वाहनों पर डिजाइनर नंबर प्लेट, असामान्य फॉन्ट या नंबर को अस्पष्ट करने वाले बदलाव भी देखने को मिलते हैं। पुलिस के आदेश के बाद वाहन मालिकों को नंबर प्लेट नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा।
पुलिस की सख्ती का एक प्रमुख उद्देश्य अपराध में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की पहचान आसान बनाना भी बताया जा रहा है। किसी वारदात के बाद सीसीटीवी फुटेज में वाहन दिखाई देने पर उसकी नंबर प्लेट जांच का अहम आधार बनती है। अगर प्लेट से छेड़छाड़ की गई हो तो जांच प्रभावित हो सकती है। इसी वजह से नंबर प्लेट को वाहन की पहचान का महत्वपूर्ण साधन माना गया है।
कमिश्नरेट पुलिस पहले से यातायात नियमों के पालन और सड़क सुरक्षा को अपने प्रमुख कार्यों में शामिल करती है। पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट भी सड़क सुरक्षा के लिए प्रवर्तन, नियमन और जागरूकता को प्राथमिकताओं में बताती है।
नए आदेश के बाद वाहन मालिकों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि उनकी नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से दिखाई दे। उस पर ऐसा कोई स्टीकर, आवरण या बदलाव नहीं होना चाहिए जिससे रजिस्ट्रेशन नंबर पढ़ने में परेशानी आए। वाहन के दस्तावेज सही होने के साथ नंबर प्लेट का नियमानुसार होना भी जरूरी होगा।
यह आदेश फिलहाल 20 नवंबर तक प्रभावी रहने की बात कही गई है। इस दौरान कमिश्नरेट पुलिस व्यवस्था के पालन पर नजर रखेगी। वाहन चालकों के लिए बेहतर होगा कि ईंधन लेने निकलने से पहले अपने वाहन की एचएसआरपी और नंबर प्लेट की स्थिति जांच लें। नियमों के अनुरूप प्लेट नहीं होने पर पेट्रोल पंप से बिना ईंधन लिए लौटना पड़ सकता है।





