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Punjab.पंजाब: संयुक्त राज्य अमेरिका ने हाल ही में SACRED (Securing American Communities by Reducing Extremist Danger) एक्ट पेश किया है, जिसमें धार्मिक स्थलों जैसे मंदिरों और गुरुद्वारों के चारों ओर 100 फुट का सुरक्षा क्षेत्र बनाने का प्रस्ताव शामिल है। यह कदम धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और समुदायों की सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
SACRED एक्ट के तहत, धार्मिक स्थलों के आसपास एक निर्धारित सुरक्षा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि, हिंसा या संभावित आतंकवादी खतरे को रोकने के लिए कड़े नियम लागू किए जाएंगे। कानून में यह भी कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस सुरक्षा क्षेत्र में पैट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाएंगी।
अमेरिकी कांग्रेस में प्रस्तुत इस प्रस्ताव का उद्देश्य धार्मिक स्थलों पर किसी भी प्रकार की हिंसा और खतरनाक गतिविधियों को रोकना है। SACRED एक्ट के अनुसार, मंदिर, गुरुद्वारा और अन्य धार्मिक संस्थान केवल पूजा और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए सुरक्षित वातावरण में काम कर सकेंगे।
सुरक्षा विशेषज्ञों ने SACRED एक्ट को स्वागत योग्य कदम बताया है। उनका कहना है कि अमेरिका में धार्मिक स्थलों के चारों ओर सुरक्षा बढ़ाने से समुदाय के सदस्यों में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के सुरक्षा उपायों से अपराधियों और आतंकवादी तत्वों के लिए धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना कठिन हो जाएगा।
धार्मिक और सामाजिक संगठन इस कदम को सकारात्मक रूप में देख रहे हैं। उनके अनुसार, SACRED एक्ट से न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि धार्मिक स्थलों पर होने वाली आयोजनों और समारोहों में भी सुरक्षित माहौल बनेगा।
कांग्रेस में SACRED एक्ट के प्रस्तावक ने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी धार्मिक स्थल सुरक्षित और संरक्षित रहें। हमें अपने समुदायों की सुरक्षा और विश्वास बनाए रखने के लिए कदम उठाने होंगे। इस एक्ट से अमेरिका में धार्मिक स्थलों की सुरक्षा मजबूत होगी और समुदायों को मानसिक शांति मिलेगी।”
सुरक्षा क्षेत्र की सीमा 100 फुट तय करने का प्रस्ताव विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इसका मतलब है कि इस दूरी के भीतर किसी भी प्रकार के हथियार, विस्फोटक या खतरे की संभावना रखने वाली वस्तु रखना प्रतिबंधित होगा। इसके साथ ही निगरानी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और अलर्ट सिस्टम भी इस क्षेत्र में लगाए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों ने SACRED एक्ट को धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और समुदायों की रक्षा के लिए प्रभावी कानून माना है। उनका मानना है कि यह प्रस्ताव आने वाले समय में अन्य देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
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