पंजाब
रफ्तार का कहर, नाबालिग ने बाइक टैक्सी को मारी टक्कर, ड्राइवर की मौत
Rajeshwari Nishad
6 Nov 2026 7:15 PM IST

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चंडीगढ़। दीपावली से पहले चंडीगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। जिला अदालत के एक अधिवक्ता के 17 वर्षीय बेटे पर स्कोडा ऑक्टेविया कार चलाते हुए बाइक टैक्सी को टक्कर मारने का आरोप है। हादसे में बाइक टैक्सी चला रहे 29 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठी महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह हादसा गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे सेक्टर-20 और सेक्टर-30 के गोलचक्कर के पास हुआ। पुलिस के मुताबिक, कार चला रहा युवक 12वीं कक्षा का छात्र है और उसकी उम्र 17 वर्ष बताई गई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हादसे के समय वह अपने पिता की कार लेकर निकला था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि नाबालिग को वाहन की चाबी कैसे मिली और अभिभावकों की ओर से कोई लापरवाही हुई या नहीं।
सेक्टर-45 से महिला को लेकर निकला था बाइक टैक्सी चालक
मृतक की पहचान गुरविंदर सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से हरियाणा के यमुनानगर का रहने वाला था और पंचकूला के सेक्टर-7 में रह रहा था। बताया गया है कि गुरविंदर बाइक टैक्सी चलाकर अपना परिवार चलाता था।
गुरुवार सुबह उसने सेक्टर-45 से एक महिला यात्री को बैठाया था। उसे सेक्टर-20 छोड़ने के लिए वह बाइक से जा रहा था। इसी दौरान सेक्टर-20 और सेक्टर-30 के गोलचक्कर के पास स्कोडा ऑक्टेविया कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार चालक और पीछे बैठी महिला सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और आपातकालीन सहायता की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में चिकित्सकों ने गुरविंदर सिंह को मृत घोषित कर दिया। घायल महिला का सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में उपचार चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है।
बाइक टैक्सी चालक के पीछे बैठी महिला की हालत गंभीर
हादसे में बाइक पर सवार महिला यात्री को भी गंभीर चोटें आई हैं। उसे चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है। हादसे के बाद महिला की हालत गंभीर बताई गई है।पुलिस के अनुसार, गुरविंदर सिंह महिला को सेक्टर-45 से लेकर सेक्टर-20 की ओर जा रहा था। इसी दौरान कार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि टक्कर से पहले और बाद की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
पिता की जानकारी के बिना कार की चाबी लेकर निकला था छात्र
पुलिस की जांच में सामने आया है कि कार चलाने वाला 17 वर्षीय किशोर सेक्टर-30 का निवासी और 12वीं कक्षा का छात्र है। उसके पिता जिला अदालत में अधिवक्ता हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, किशोर कथित तौर पर अपने माता-पिता की जानकारी के बिना कार की चाबी लेकर घर से निकला था।
शुरुआत में पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया था। हालांकि, जांच के दौरान कार चालक की पहचान कर ली गई। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि किशोर कार लेकर घर से कब निकला और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।इस मामले में नाबालिग के वाहन चलाने के साथ-साथ अभिभावकों की जिम्मेदारी की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि वाहन तक उसकी पहुंच कैसे हुई और क्या उसे पहले भी कार चलाने की अनुमति दी गई थी।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सेक्टर-19 थाना पुलिस ने इस दुर्घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106(1), 281 और 125(b) के तहत मामला दर्ज किया है।इन धाराओं में लापरवाही से मौत, सार्वजनिक मार्ग पर तेज या लापरवाही से वाहन चलाने और गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।पुलिस मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A के तहत भी अभिभावकों की संभावित जिम्मेदारी की जांच कर रही है। नाबालिग द्वारा वाहन चलाने के मामले में कानून के अनुसार वाहन के मालिक या अभिभावक पर भी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, यह कार्रवाई जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होगी।
चार और छह साल के दो बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
इस हादसे का सबसे दुखद पहलू मृतक गुरविंदर सिंह का परिवार है। गुरविंदर अपने पीछे चार साल का बेटा और छह साल की बेटी छोड़ गया है। परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले गुरविंदर की अचानक मौत से परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।वह मूल रूप से यमुनानगर का रहने वाला था और काम के सिलसिले में पंचकूला के सेक्टर-7 में रह रहा था। बाइक टैक्सी चलाकर वह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था।दीपावली से पहले हुई इस दुर्घटना ने उसके परिवार की खुशियां छीन लीं। जिन बच्चों को त्योहार पर अपने पिता के साथ खुशियां मनानी थीं, वे अब पिता के बिना रह गए हैं। इस घटना ने सड़क सुरक्षा और नाबालिगों के वाहन चलाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आगे की जांच
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों से सीसीटीवी फुटेज जुटाई है। जांच अधिकारी दुर्घटना के समय कार की गति, वाहन की दिशा और टक्कर की परिस्थितियों का पता लगाने में जुटे हैं। इसके साथ ही घायल महिला के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जाएगा।फिलहाल पुलिस का ध्यान दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने पर है। नाबालिग के मामले में किशोर न्याय से जुड़े प्रावधानों के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।चंडीगढ़ की इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि अभिभावकों को अपने नाबालिग बच्चों को वाहन की चाबी देने और उनकी वाहन तक पहुंच को लेकर कितनी सतर्कता बरतनी चाहिए। महज कुछ मिनटों की लापरवाही किसी परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकती है।
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