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नियम तोड़ने की होड़ 41.37 लाख ई चालान
चंडीगढ़: पंजाब में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों पर निगरानी और कार्रवाई लगातार सख्त हो रही है, लेकिन इसके बावजूद उल्लंघन के मामले कम होते नजर नहीं आ रहे। राज्य में डिजिटल कैमरों और ई-चालान व्यवस्था का दायरा बढ़ने के बीच 2026 के महज सात महीनों में 41 लाख से अधिक ट्रैफिक चालान जारी किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में कई गुना अधिक है।
आधिकारिक ई-चालान आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब में 2021 में सिर्फ 53,973 ट्रैफिक चालान जारी हुए थे। इसके बाद संख्या तेजी से बढ़ती गई और 2025 में 20.47 लाख तक पहुंच गई। यानी चार वर्षों में चालानों की संख्या लगभग 38 गुना हो गई। हैरानी की बात यह है कि 2026 के करीब सात महीनों में ही 41.38 लाख चालान हो चुके हैं, जो पूरे 2025 के आंकड़े से दोगुने से भी ज्यादा हैं।
कैमरों से बढ़ी निगरानी
ट्रैफिक नियमों की निगरानी में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ना चालानों की संख्या में इस तेज वृद्धि की एक बड़ी वजह है। डिजिटल कैमरों और CCTV आधारित निगरानी के कारण उल्लंघन रिकॉर्ड करना पहले के मुकाबले आसान हुआ है। नियम तोड़ने पर वाहन चालक के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक तरीके से चालान जारी किया जा सकता है।
लेकिन चालानों की रिकॉर्ड संख्या यह सवाल भी खड़ा करती है कि सख्ती के बावजूद वाहन चालकों के व्यवहार में कितना बदलाव आया है। इतनी बड़ी संख्या में कार्रवाई होने से साफ है कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित करना अभी भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।
चालान बढ़े लेकिन वसूली घटी
आंकड़ों में सबसे दिलचस्प पहलू जुर्माने की वसूली का है। 2024 में प्रति चालान औसतन 1,370 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। 2025 में यह घटकर 601 रुपये रह गया और 2026 में अब तक औसत वसूली सिर्फ 118 रुपये प्रति चालान बताई गई है। यानी दो वर्षों में प्रति चालान औसत राजस्व में 91 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है।
इस साल चालानों की संख्या दोगुनी से ज्यादा होने के बावजूद कुल राजस्व में 60 प्रतिशत से अधिक गिरावट की बात सामने आई है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में चालान जारी तो किए जा रहे हैं, लेकिन उनका भुगतान उसी अनुपात में नहीं हो रहा।
नियम तोड़ने वालों पर विशेष अभियान
पंजाब पुलिस समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर भी यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रही है। जून 2026 में अवैध हूटर, सायरन, फ्लैशर और वाहनों पर ब्लैक फिल्म लगाने वालों के खिलाफ 15 दिन का विशेष अभियान चलाया गया था।
इस दौरान करीब 1.80 लाख वाहनों की जांच की गई और 39,872 वाहन चालकों के चालान काटे गए। पुलिस ने 412 वाहनों को जब्त भी किया था। इसके अलावा अवैध हूटर, सायरन, फ्लैशर और ब्लैक फिल्म हटाने की कार्रवाई की गई।
सड़क सुरक्षा के लिए नियमों का पालन जरूरी
सिर्फ चालान जारी करना सड़क सुरक्षा का अंतिम समाधान नहीं है। वाहन चालकों में नियमों को लेकर जागरूकता और जिम्मेदारी भी जरूरी है। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल, निर्धारित गति सीमा का पालन, रेड लाइट पर रुकना और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन से दूरी जैसे नियम दुर्घटनाओं का खतरा कम करने के लिए बनाए गए हैं।
पंजाब पुलिस की यातायात संबंधी आधिकारिक जानकारी में भी दोपहिया वाहन चालक और पीछे बैठने वाले के लिए हेलमेट, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट और शहरों में ओवरस्पीडिंग से बचने जैसे नियमों पर जोर दिया गया है।
41.38 लाख का आंकड़ा बना बड़ी चुनौती
2021 के करीब 54 हजार चालानों से 2026 के सात महीनों में 41.38 लाख चालान तक पहुंचना पंजाब में ट्रैफिक प्रवर्तन के तेजी से डिजिटलीकरण को दिखाता है। दूसरी ओर इतनी बड़ी संख्या यह भी बताती है कि नियमों के उल्लंघन को कम करने के लिए केवल निगरानी ही नहीं, बल्कि सड़क अनुशासन और समय पर जुर्माना भुगतान सुनिश्चित करने की व्यवस्था भी मजबूत करनी होगी।
अब ट्रैफिक पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है—नियम तोड़ने वालों पर प्रभावी कार्रवाई करना और लाखों लंबित चालानों से जुड़ी वसूली को बेहतर बनाना। आने वाले समय में डिजिटल निगरानी और सख्त प्रवर्तन से वाहन चालकों के व्यवहार में कितना बदलाव आता है, इस पर नजर रहेगी।
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