पंजाब

अबोहर सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी, बच्चे और गर्भवती महिलाएं परेशान

nidhi
14 July 2026 7:45 AM IST
अबोहर सरकारी अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी, बच्चे और गर्भवती महिलाएं परेशान
x
विशेषज्ञ डॉक्टरों के बिना अबोहर सरकारी अस्पताल, बच्चों और गर्भवती महिलाओं की बढ़ी मुश्किलें

Raj Narula, Abohar: अबोहर के 150 बिस्तरों वाले सरकारी अस्पताल में पिछले लंबे समय से चाइल्ड रोग विशेषज्ञ, गायनी स्पेशलिस्ट व डेंटल स्पेशलिस्ट का पद खाली पड़ा है जिस कारण रोजाना शहर ही नहीं आसपास के गांवों के लोगों को भी बच्चों का इलाज करवाने में दिक्कत पेश आ रही है और वह मजबूरी में बाहर प्राइवेट डॉक्टरों के पास जाने को मजबूर हो रहे हैं।

जानकारी अनुसार सरकारी अस्पताल में चाइल्ड विशेषज्ञ का पद खाली हैं। समाजसेवी विपिन शर्मा ने कहा कि चाइल्ड रोग विशेषज्ञ न होने के कारण बच्चों के दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने में भी उन्हें दिक्कत पेश आ रही है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में बिना किसी देरी के चाइल्ड रोग विशेषज्ञ की नियुक्ति की जाए।
गौरतलब है कि करीब एक वर्ष से सरकारी अस्पताल में चाइल्ड रोग विशेषज्ञ का पद खाली है जिस कारण बच्चों का इलाज करवाने के लिए आसपास के गांवों के लोगों व शहर के लोगों को न केवल परेशानी का सामना करना पड़ रहा है बल्कि प्राइवेट डॉक्टरों से इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
एक अनुमान के अनुसार जब यहां चाइल्ड रोग विशेषज्ञ नियुक्त था तो बच्चों की ओपीडी करीब 100 से 150 बच्चों की रहती थी व रोजाना 100 से 150 बच्चों का इलाज लोगों को बाहर से करवाना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी नवजात बच्चों के परिजनों को उठानी पड़ती है।
जानकारी अनुसार एनेस्थीसिया विशेषज्ञ की नियमित नियुक्ति की डिमांड पिछले लंबे समय से है व एक विशेषज्ञ की नियुक्ति भी हो गई थी लेकिन उन्होंने अपना कार्यभार नहीं संभाला जिस कारण जहां सप्ताह में केवल दो दिन ही सर्जरी व अन्य ऑपरेशन हो पाते हैं जबकि नियमित विशेषज्ञ हो तो ऑपरेशन जब जरूरत हो तब हो सकता है।
सरकारी अस्पताल में डेंटल स्पेशलिस्ट का पद भी खाली है। यह पद पिछले कई सालों से ही खाली पड़ा है। पहले यहां एक अटेंडेंट नियुक्त था जो मरीजों को देखकर काम चला रहा था लेकिन करीब छह महीनों से अधिक समय से वह भी सेवानिवृत्त हो गया जिसके बाद यहां कमरे को ताला ही लटक गया व अब मरीजों का इलाज भी नहीं हो पा रहा।
गर्भवति महिलाएं हो रही परेशान
इतना ही नहीं सरकारी अस्पताल में गायनी स्पेशलिस्ट का पद भी लंबे समय से खाली है जिस कारण गर्भवती महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड रहा है। हालांकि महिलाओं की रुटीन की जांच करने के लिए एक मेडिकल ऑफिसर महिला की ड्यूटी लगाई गई है जो काम चला रही है।
लेकिन इस कारण सिजेरियन नहीं हो पा रहे या गर्भवती महिलाओं को होने वाली कोई परेशानी के समय मुश्किल पेश आती है। उधर, एसएमओ का कहना है कि डॉक्टरों के खाली पदों बाबत हर महीने रिपोर्ट विभाग को भेजी जाती है।
एसएमओ ने बताया कि पिछले समय में अस्पताल में आंखों के विशेषज्ञ, ईएनटी स्पेशलिस्ट व चमडी रोग विशेषज्ञ व एक एमडी मेडिसन व हाल ही में रेडियोग्राफर अल्ट्रासाउंड करने वाले विशेषज्ञ की नियुक्ति हुई है जो पद पिछले कई सालों से खाली पड़े थे।
Next Story