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सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई के लिए 29 अगस्त को SGPC करेगी अरदास

Kavita2
24 Aug 2026 5:08 PM IST
सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई के लिए 29 अगस्त को SGPC करेगी अरदास
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अमृतसर। सजा की अवधि पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से 29 अगस्त को विशेष अरदास की जाएगी। इस संबंध में SGPC ने अपने प्रबंध अधीन ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों और शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का फैसला किया है। संगठन का कहना है कि बंदी सिंहों की रिहाई के लिए गुरु चरणों में अरदास कर सरकारों से इस मामले में उचित कदम उठाने की अपील की जाएगी।

SGPC के कार्यक्रम के अनुसार, ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में 27 अगस्त को श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ किया जाएगा। दो दिन तक चलने वाले इन पाठों का भोग 29 अगस्त को सुबह 10 बजे डाला जाएगा। भोग के बाद बंदी सिंहों की रिहाई के लिए विशेष सामूहिक अरदास की जाएगी।

शैक्षणिक संस्थानों में भी होगी सामूहिक अरदास

SGPC ने केवल गुरुद्वारा साहिबों तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रखा है। कमेटी के अधीन आने वाले सभी शैक्षणिक संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में भी 29 अगस्त को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

इन संस्थानों में सुबह 10 बजे श्री सुखमनी साहिब के पाठ के बाद सामूहिक अरदास होगी। इस दौरान सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई और उनके परिवारों के लिए चढ़दी कला की अरदास की जाएगी।

SGPC की ओर से सभी संबंधित संस्थानों को कार्यक्रम के संबंध में निर्देश भेजे गए हैं। संगठन का उद्देश्य है कि इस मुद्दे को धार्मिक और शांतिपूर्ण तरीके से व्यापक स्तर पर उठाया जाए और अधिक से अधिक लोग इस अरदास में शामिल हों।

अंतरिम कमेटी की बैठक में लिया फैसला

SGPC के सचिव बलविंदर सिंह काहलवां ने बताया कि यह निर्णय SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी की अगुवाई में हाल ही में हुई अंतरिम कमेटी की बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था।

बैठक में पदाधिकारियों और सदस्यों ने बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे पर चर्चा की। इसके बाद सभी ने एकमत होकर 29 अगस्त को विशेष अरदास आयोजित करने का फैसला किया।

काहलवां ने बताया कि इस संबंध में SGPC के प्रबंध अधीन आने वाले सभी गुरुद्वारा साहिबों और शैक्षणिक संस्थानों को पत्र जारी कर दिए गए हैं, ताकि कार्यक्रम निर्धारित समय के अनुसार आयोजित किए जा सकें।

सजा पूरी होने के बाद भी रिहाई का मुद्दा

बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा सिख संगठनों की ओर से लंबे समय से उठाया जाता रहा है। SGPC का कहना है कि ऐसे बंदी जो अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं, उनकी रिहाई पर सरकारों को मानवीय और कानूनी दृष्टिकोण से विचार करना चाहिए।

सिख संगठनों की ओर से अलग-अलग समय पर इस संबंध में सरकारों के समक्ष मांग रखी जाती रही है। SGPC भी इस मामले को विभिन्न मंचों पर उठाती रही है। अब धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से इस मांग को दोबारा प्रमुखता से सामने लाने की तैयारी की गई है।

ऐतिहासिक गुरुद्वारों में होगा अखंड पाठ

27 अगस्त को शुरू होने वाले श्री अखंड पाठ साहिब का 29 अगस्त को सुबह 10 बजे भोग डाला जाएगा। इसके बाद विशेष अरदास होगी। SGPC के प्रबंध अधीन ऐतिहासिक गुरुद्वारों में एक साथ होने वाले इन धार्मिक कार्यक्रमों को इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।

अरदास के दौरान सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई के लिए गुरु चरणों में प्रार्थना की जाएगी। SGPC की ओर से संगत से भी इन कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की गई है।

स्कूल-कॉलेजों में विद्यार्थियों की भागीदारी

SGPC के अधीन चलने वाले स्कूलों और कॉलेजों में भी 29 अगस्त को कार्यक्रम आयोजित होने से बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक इसमें शामिल होंगे। श्री सुखमनी साहिब के पाठ के बाद सामूहिक अरदास की जाएगी।

इन कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को सिख इतिहास और धार्मिक परंपराओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी देने का अवसर भी मिलेगा। हालांकि, मुख्य उद्देश्य सजा पूरी कर चुके बंदी सिंहों की रिहाई के लिए सामूहिक रूप से अरदास करना रहेगा।

शांतिपूर्ण तरीके से मांग उठाने पर जोर

SGPC की ओर से इस कार्यक्रम को धार्मिक और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की तैयारी की गई है। अरदास के माध्यम से बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को सामने रखा जाएगा। संगठन की ओर से संबंधित गुरुद्वारों और संस्थानों को कार्यक्रम के आयोजन की जानकारी पहले ही भेज दी गई है।

इस पहल से SGPC एक बार फिर बंदी सिंहों की रिहाई के मुद्दे को व्यापक स्तर पर उठाने जा रही है। धार्मिक कार्यक्रमों में संगत की भागीदारी के जरिए इस मांग को सामाजिक स्तर पर भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

29 अगस्त को एक साथ होंगे कार्यक्रम

27 अगस्त से शुरू होने वाले श्री अखंड पाठ साहिब का समापन 29 अगस्त को होगा। इसी दिन SGPC के सभी संबंधित शैक्षणिक संस्थानों में श्री सुखमनी साहिब के पाठ के बाद सामूहिक अरदास की जाएगी।

SGPC सचिव के अनुसार, अंतरिम कमेटी में लिए गए सर्वसम्मत फैसले के बाद कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं और आवश्यक पत्राचार पूरा कर लिया गया है।

बंदी सिंहों की रिहाई का मुद्दा सिख समुदाय से जुड़े प्रमुख विषयों में रहा है। SGPC की यह पहल धार्मिक आयोजन के माध्यम से इस मांग को फिर से प्रमुखता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब 29 अगस्त को होने वाली अरदास पर संगत और सिख संगठनों की नजर रहेगी।

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