पंजाब

पीयू के नए UG प्रोग्राम पर विभागाध्यक्ष ने की गंभीर समीक्षा

Ratna Netam
5 May 2026 4:35 PM IST
पीयू के नए UG प्रोग्राम पर विभागाध्यक्ष ने की गंभीर समीक्षा
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Ludhiana.लुधियाना: पंजाब विश्वविद्यालय में हाल ही में शुरू किए गए नए अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम को लेकर संस्थान प्रमुखों में चिंता देखी जा रही है। विश्वविद्यालय के कई विभागाध्यक्षों ने इस नए पाठ्यक्रम की प्रभावशीलता, संसाधन प्रबंधन और छात्रों की क्षमता के अनुरूपता पर सवाल उठाए हैं।
इंस्टीट्यूट हेड प्रोफेसर डॉ. रजनीश कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नया UG प्रोग्राम छात्रों के शैक्षणिक और व्यावसायिक लक्ष्यों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, लेकिन संसाधनों, शिक्षण स्टाफ और पाठ्यक्रम संरचना को लेकर कुछ चिंताएं हैं। उन्होंने कहा, “इस प्रोग्राम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पर्याप्त शिक्षक, पुस्तकालय संसाधन और लैब सुविधाएँ होना आवश्यक है। फिलहाल इसमें कुछ कमी दिखाई दे रही है।”
प्रो. कुमार ने बताया कि नए अंडरग्रेजुएट कोर्स में इंटरडिसिप्लिनरी विषयों का समावेश किया गया है, जो छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान और कैरियर कौशल देने में मदद करेगा। हालांकि, उनका कहना है कि यदि विभागों को उचित प्रशिक्षण और तकनीकी समर्थन नहीं मिलेगा, तो छात्रों को अपेक्षित शिक्षा और अनुभव नहीं मिल पाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस प्रोग्राम का उद्देश्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी शिक्षा प्रदान करना है। नए पाठ्यक्रम में इनोवेशन, रिसर्च और व्यावसायिक कौशल को बढ़ावा देने के लिए कई मॉड्यूल शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही छात्रों के लिए इंटर्नशिप और इंडस्ट्री लिंक्ड प्रोजेक्ट्स की भी सुविधा होगी।
हालांकि, प्रो. कुमार ने स्पष्ट किया कि संस्थान को प्रशासनिक और वित्तीय समर्थन में तेजी लानी होगी। उन्होंने कहा, “अगर संसाधन समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए, तो नए UG प्रोग्राम का उद्देश्य पूरी तरह से सफल नहीं हो पाएगा। छात्रों और शिक्षकों दोनों की उम्मीदें और जरूरतें पूरी तरह से संतुष्ट करनी होंगी।”
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नए अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम छात्रों को विस्तृत और व्यावहारिक दृष्टिकोण देने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक चुनौतियाँ सामान्य हैं, लेकिन सही दिशा और प्रबंधन के साथ इसे सफल बनाया जा सकता है।
विद्यार्थियों के प्रतिनिधि भी इस नए प्रोग्राम को लेकर उत्साहित हैं, लेकिन उन्होंने भी कक्षा, प्रयोगशाला और अन्य सुविधाओं की कमी की ओर ध्यान दिलाया। उनका कहना है कि यदि आवश्यक संसाधन समय पर उपलब्ध कराए गए तो यह प्रोग्राम उनके शैक्षणिक और करियर विकास में मददगार साबित होगा।
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