पंजाब

लूट का आरोपी तमिलनाडु से गिरफ्तार , आइये जानते हैं पूरा मामला

Dev upase
25 Oct 2021 6:32 PM GMT
लूट का आरोपी तमिलनाडु से गिरफ्तार , आइये जानते हैं पूरा मामला
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चंडीगढ़ में निजी कंपनी सीएमएस कंपनी के कैश वैन से 39 लाख गायब होने के मामले में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है।

जनता से रिस्ता वेबडेसक | चंडीगढ़ में निजी कंपनी सीएमएस कंपनी के कैश वैन से 39 लाख गायब होने के मामले में पुलिस ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। एसएसपी कुलदीप सिंह चहल के निर्देशानुसार सेक्टर 31 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल के सुपरविजन में गिरोह के एक आरोपित को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया है। आरोपित की पहचान तमिलनाडु के रामजी नगर में रहने वाले 27 वर्षीय सतियासीलन के तौर पर हुई है। आरोपित से अब तक चार लाख रुपयों की रिकवरी भी हो चुकी है। वहीं थाना पुलिस आरोपित को जिला अदालत में पेश करने लेकर गई है।

जानकारी के अनुसार यह गिरोह चेन्नई तमिलनाडु एरिया में काफी सक्रिय है। गिरोह के सदस्य इसी तरह धोखाधड़ी और वैन से पैसे चोरी करने का काम करते हैं। वहीं इस मामले में अभी तक सामने नहीं आया कि आरोपित किस तरह वारदात को अंजाम देते थे। रिमांड में पुलिस पूछताछ करेगी।

वारदात के तीसरे दिन वैन ड्राइवर ने किया सुसाइड

वारदात के तीसरे ही दिन सुबह रेलवे ट्रैक पर बैन ड्राइवर ने सुसाइड कर लिया था। मृतक सुरेंदर के साले रणजीत ने बताया कि जीजा-दीदी और दोनों बच्चे सेक्टर-47 में रहते हैं। घटना के तीसरे दिन सुरेंदर सुबह घर से कही चला गया। उसी दिन रेवले ट्रैक के पास उसका शव मिला था।

10 साल से सीएमएस में था ड्राइवर सुरेंदर

रणजीत ने बताया कि उसके जीजा सुरेंदर पाल सीएमएस कंपनी में पिछले 10 साल से ड्राइवर की नौकरी कर रहे थे। पैसे लापता होने के बाद वैन में मौजूद सभी कर्मचारी संदिग्ध होने से सहमे हुए थे, लेकिन उसके जीजा सभी को हिम्मत देते थे।

यह है पूरा मामला

आठ अक्टूबर को बैंकों के एटीएम में रुपये जमा कराने वाली कंपनी सीएमएस की कैश वैन से 39 लाख रुपये गायब होने का मामला सामने आया था। रूट के अलावा गाड़ी को न कहीं रोका गया और न कोई लूट हुई, बावजूद इसके रुपये गायब हो गए। कांसल गांव निवासी सीएमएस कंपनी के कैश कस्टोडियल भूपेंद्र सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पिछले नौ साल से कंपनी में काम कर रहे हैं। शुक्रवार को लगभग साढ़े 10 बजे सेक्टर-47 स्थित कंपनी के दफ्तर से वह कैश लेने गए थे। उनके साथ कंपनी का ही कर्मचारी मुनीश चावला भी था। दफ्तर से उन्होंने कुल एक करोड़ नौ लाख रुपये निकाले। 70 लाख रुपये एक बैग में थे, जबकि 39 लाख रुपये एक लोहे के ट्रंक में थे। ट्रंक को कंपनी ने पहले ही सील करके रखा हुआ था। वह नयागांव स्थित एटीएम में पैसे डालने पहुंचे तो देखा कि वैन से 39 लाख रुपये लापता थे। इससे कंपनी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कंपनी की ओर से फौरन इसकी सूचना सेक्टर-31 थाना पुलिस को दी गई। थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था।

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