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कबाड़ से विज्ञान के मॉडल बनाने वाले शिक्षक रवि जायसवाल को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार

Kavita2
22 Aug 2026 4:04 PM IST
कबाड़ से विज्ञान के मॉडल बनाने वाले शिक्षक रवि जायसवाल को मिलेगा राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार
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चंडीगढ़। सीमित संसाधनों में कबाड़ और अनुपयोगी वस्तुओं को वैज्ञानिक मॉडल में बदलकर विद्यार्थियों के लिए विज्ञान शिक्षा को रोचक और प्रयोगात्मक बनाने वाले शिक्षक रवि जायसवाल को राष्ट्रीय शिक्षक अवाॅर्ड 2026 से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर को दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया जाएगा। उनकी इस उपलब्धि से स्कूल और शिक्षा जगत में खुशी का माहौल है।

रवि जायसवाल मलोया कॉलोनी स्थित गवर्नमेंट मॉडल हाई स्कूल (जीएमएचएस) में टीजीटी के पद पर कार्यरत हैं और विज्ञान विषय पढ़ाते हैं। उन्होंने अपने शिक्षण कार्य के दौरान यह प्रयास किया कि विद्यार्थियों को विज्ञान केवल किताबों में पढ़ने के बजाय उसे प्रयोग और गतिविधियों के माध्यम से समझने का अवसर मिले।

कबाड़ को बनाया विज्ञान का साधन

रवि जायसवाल की खास पहचान उनके कम लागत वाले वैज्ञानिक मॉडलों और प्रयोगों को लेकर बनी है। उन्होंने आसपास आसानी से उपलब्ध अनुपयोगी और कबाड़ सामग्री का इस्तेमाल कर विज्ञान के विभिन्न सिद्धांतों को समझाने वाले मॉडल तैयार किए।

उनका मानना है कि विज्ञान की शिक्षा के लिए हमेशा महंगे उपकरण और आधुनिक प्रयोगशालाएं जरूरी नहीं हैं। यदि शिक्षक के पास रचनात्मक सोच और विद्यार्थियों को कुछ नया सिखाने का जुनून हो तो रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुओं से भी उपयोगी वैज्ञानिक मॉडल तैयार किए जा सकते हैं।

इसी सोच के तहत उन्होंने बेकार पड़ी वस्तुओं को उपयोगी शिक्षण सामग्री में बदलने का प्रयास किया। इससे विद्यार्थियों को न केवल विज्ञान के सिद्धांत समझने में आसानी हुई, बल्कि उनमें चीजों को अपने स्तर पर बनाने और प्रयोग करने की रुचि भी विकसित हुई।

प्रयोगात्मक शिक्षा पर जोर

रवि जायसवाल के शिक्षण का प्रमुख आधार प्रयोगात्मक शिक्षा रहा है। वे विद्यार्थियों को किसी वैज्ञानिक अवधारणा को केवल पढ़ाने के बजाय उसका मॉडल या प्रयोग तैयार कराकर समझाने पर जोर देते हैं।

इस तरीके से छात्र विज्ञान की अवधारणाओं को ज्यादा आसानी से समझ पाते हैं। साथ ही उनमें सवाल पूछने, प्रयोग करने और समस्या का समाधान खोजने की क्षमता विकसित होती है।

उनकी कोशिश रही है कि विद्यार्थी यह महसूस करें कि विज्ञान उनके आसपास मौजूद है। घर, स्कूल और दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं के पीछे भी वैज्ञानिक सिद्धांत काम करते हैं। इसी विचार को उन्होंने अपने शिक्षण में शामिल किया।

सीमित संसाधनों में उल्लेखनीय पहल

स्कूलों में विज्ञान की पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए संसाधनों की उपलब्धता हमेशा एक चुनौती रहती है। खासकर सीमित बजट वाले संस्थानों में महंगे उपकरणों की व्यवस्था आसान नहीं होती। ऐसे में रवि जायसवाल ने कम लागत वाली सामग्री को शिक्षण का माध्यम बनाकर एक अलग उदाहरण प्रस्तुत किया।

उन्होंने विद्यार्थियों को भी मॉडल तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल किया। इससे बच्चों में रचनात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ टीमवर्क की भावना विकसित हुई।

उनके प्रयासों का उद्देश्य सिर्फ विज्ञान विषय में बेहतर परिणाम हासिल करना नहीं रहा, बल्कि विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोचने के लिए तैयार करना भी रहा है।

विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा

रवि जायसवाल की उपलब्धि को स्कूल के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उनका चयन यह संदेश भी देता है कि शिक्षण में रचनात्मकता और नवाचार को अपनाकर सीमित संसाधनों में भी प्रभावी परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

उनके द्वारा तैयार किए गए कम लागत वाले मॉडल विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर देते हैं कि किसी समस्या का समाधान केवल महंगे संसाधनों के जरिए ही नहीं, बल्कि अपनी सोच और रचनात्मकता के माध्यम से भी किया जा सकता है।

शिक्षक दिवस पर मिलेगा सम्मान

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित रवि जायसवाल को 5 सितंबर को दिल्ली में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। शिक्षक दिवस के अवसर पर मिलने वाला यह राष्ट्रीय सम्मान उनके शिक्षण कार्य और विज्ञान शिक्षा में योगदान की औपचारिक पहचान होगी।

उनके चयन से स्कूल के शिक्षक और विद्यार्थी उत्साहित हैं। शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसे शिक्षकों के प्रयास अन्य शिक्षकों को भी नवाचार और प्रयोगात्मक शिक्षण के लिए प्रेरित करते हैं।

विज्ञान को आसान बनाने की कोशिश

रवि जायसवाल का काम इस बात का उदाहरण है कि विज्ञान को विद्यार्थियों के लिए सरल और रोचक बनाने के लिए हमेशा बड़ी प्रयोगशाला या महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं होती। उपलब्ध संसाधनों का रचनात्मक उपयोग करके भी बच्चों को वैज्ञानिक अवधारणाएं बेहतर तरीके से समझाई जा सकती हैं।

कबाड़ और अनुपयोगी वस्तुओं से वैज्ञानिक मॉडल तैयार करने की उनकी पहल ने विद्यार्थियों को सीखने का नया तरीका दिया है। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने और उन्हें प्रयोग करने के लिए प्रेरित करने में मदद मिली है।

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए रवि जायसवाल का चयन उनके नवाचारपूर्ण शिक्षण, कम लागत वाली विज्ञान शिक्षा और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। 5 सितंबर को दिल्ली में सम्मानित होने वाले रवि जायसवाल अब उन शिक्षकों की सूची में शामिल होंगे, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव लाने का प्रयास किया है।

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