पंजाब

Tarn Taran: किसान की हाईटेक डेयरी से रोजगार भी बढ़ा

Ratna Netam
11 May 2026 12:46 PM IST
Tarn Taran: किसान की हाईटेक डेयरी से रोजगार भी बढ़ा
x
Punjab.पंजाब: पंजाब के तरनतारन जिले के एक किसान ने अपनी मेहनत और नवाचार के दम पर टेक्नोलॉजी और परंपरा को मिलाकर एक सफल डेयरी यूनिट स्थापित की है। यह पहल न केवल स्थानीय किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में भी एक नया अध्याय जोड़ रही है। किसान, जिनका नाम गुरप्रीत सिंह है, ने बताया कि उन्होंने पारंपरिक डेयरी पद्धति को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर उत्पादन क्षमता और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया है। “हमने गायों और भैंसों के स्वास्थ्य पर ध्यान देते हुए स्मार्ट फीडिंग सिस्टम और डिजिटल मॉनिटरिंग का उपयोग किया है। इससे दूध की गुणवत्ता में सुधार हुआ है और उत्पादन भी बढ़ा है,” उन्होंने कहा।
उनकी डेयरी यूनिट में आधुनिक उपकरणों के साथ-साथ पारंपरिक देखभाल के तरीके भी अपनाए गए हैं। इसमें गायों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, जैविक आहार, और साफ-सुथरी आवास व्यवस्था शामिल है। इसके परिणामस्वरूप दूध का उत्पादन बढ़ा है और स्थानीय बाजार में मांग भी बढ़ी है। गुरप्रीत सिंह की पहल ने स्थानीय किसानों को भी तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने बताया कि कई पड़ोसी किसान अब उनके अनुभव से सीख लेकर अपनी डेयरी यूनिट्स में डिजिटल फीडिंग और स्वास्थ्य मॉनिटरिंग सिस्टम जोड़ रहे हैं। इससे न केवल उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं। स्थानीय प्रशासन ने भी उनकी इस पहल की सराहना की है।
अधिकारियों का कहना है कि ऐसे उदाहरण अन्य किसानों को भी आधुनिक तकनीक और पारंपरिक ज्ञान का मेल करके कृषि और डेयरी उद्योग को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं। “गुरप्रीत सिंह की सफलता यह दिखाती है कि अगर किसान नवाचार को अपनाएं, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई जान डाली जा सकती है,” एक अधिकारी ने कहा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कदम पंजाब और अन्य राज्यों में डेयरी उद्योग को और विकसित कर सकते हैं। तकनीक के इस्तेमाल से न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन भी सुनिश्चित होता है। गुरप्रीत सिंह का मानना है कि भविष्य में वे और अधिक उन्नत तकनीक अपनाने की योजना बना रहे हैं। उनका लक्ष्य न केवल अपनी डेयरी को विकसित करना है, बल्कि ग्रामीण किसानों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन देकर पूरे क्षेत्र में डेयरी उद्योग को सशक्त बनाना भी है।
Next Story