पंजाब

Tarn Taran: फर्जी ट्रैवल एजेंटों ने ठगी कराई, 15 लाख रुपये गायब

Ratna Netam
24 April 2026 12:25 PM IST
Tarn Taran: फर्जी ट्रैवल एजेंटों ने ठगी कराई, 15 लाख रुपये गायब
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Punjab.पंजाब: तरनतारन जिले के एक व्यक्ति के साथ हुई ठगी ने स्थानीय प्रशासन और जनता को झकझोर दिया है। जानकारी के अनुसार, तरनतारन का रहने वाला एक व्यक्ति, जो हाल ही में विदेश यात्रा करने की योजना बना रहा था, ट्रैवल एजेंटों के जाल में फंस गया और उसके करीब 15 लाख रुपये ठगे गए।
पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि उसने अपने दोस्तों और इंटरनेट के माध्यम से पता किए गए ट्रैवल एजेंटों से संपर्क किया था। एजेंटों ने उसे आकर्षक ऑफर और विशेष पैकेज दिखाए, जिसके चलते उसने विश्वास कर लिया। एजेंटों ने पैकेज बुकिंग के लिए अग्रिम राशि के रूप में 15 लाख रुपये की मांग की और वह पैसे उन्हें ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
हालांकि, जैसे ही ट्रैवल डेट नज़दीक आई, एजेंटों ने संपर्क तोड़ दिया और न तो टिकट जारी किया और न ही कोई जानकारी दी। जब पीड़ित ने एजेंटों से पुनः संपर्क किया, तो पता चला कि एजेंट नकली हैं और उनका कोई ऑफिस या वैध पहचान नहीं है।
स्थानीय पुलिस ने मामले की पुष्टि की है और कहा कि उन्हें शिकायत प्राप्त हो चुकी है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है और साइबर क्राइम सेल को मामले में शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में आम लोग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो सकते हैं, इसलिए हमेशा वैध और प्रमाणित एजेंटों के माध्यम से ही ट्रैवल बुकिंग करनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में ऑनलाइन फर्जीवाड़ा बढ़ रहा है, खासकर विदेश यात्रा और हवाई टिकट के पैकेज में। कई बार लोग आकर्षक ऑफर और कम कीमत के लालच में सावधानी नहीं बरतते। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ राकेश शर्मा ने कहा, "लोगों को हमेशा एजेंट का लाइसेंस, रिव्यू और वैध दस्तावेज़ जांचने चाहिए। किसी भी प्रकार की अग्रिम राशि भेजने से पहले सुनिश्चित करें कि एजेंट विश्वसनीय है।"
इस घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति ने स्थानीय प्रशासन और सोशल मीडिया पर चेतावनी जारी की है ताकि अन्य लोग इसी तरह की ठगी के शिकार न हों। पुलिस ने भी आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ट्रैवल एजेंट से सावधान रहें और किसी भी वित्तीय लेनदेन से पहले पुष्टि करें।
यह मामला यह स्पष्ट करता है कि डिजिटल युग में ठगी के तरीके लगातार विकसित हो रहे हैं। लोगों को सतर्क रहने, संदिग्ध लेनदेन से बचने और साइबर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
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