Tarn Taran: जमीन के सर्वे को लेकर विवाद, कोर्ट स्टे से थमा तरनतारन में प्रशासनिक पहिया

तरनतारन: जिले के ठठी खारा गांव में जमीन विवाद को लेकर मौजूदा सरपंच गुरशरणजीत कौर और मार्केट कमेटी तरनतारन के चेयरमैन कुलदीप सिंह रंधावा के बीच विवाद गहराता जा रहा है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर जमीन पर जबरन कब्जा करने के आरोप लगाए हैं। इस विवाद के चलते राजस्व विभाग की ओर से भेजी गई सर्वे टीम को भी खाली हाथ लौटना पड़ा।
सरपंच गुरशरणजीत कौर का कहना है कि वह अपने माता-पिता की इकलौती वारिस हैं और उनके पास जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसके पूरे दस्तावेज - रजिस्ट्री, जमाबंदी सहित मौजूद हैं। इस जमीन पर माननीय अदालत की ओर से स्टे ऑर्डर भी जारी है, जिसकी प्रति उन्होंने सर्वे करने पहुंची टीम को दिखाई। गुरशरण कौर के मुताबिक यह जमीन उनके माता-पिता ने करीब 37 साल पहले वीर सिंह से खरीदी थी, जिसका ट्यूबवेल कनेक्शन आज भी मंत्री अनिल जोशी की माता पुष्पा जोशी के नाम दर्ज है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मार्केट कमेटी चेयरमैन कुलदीप सिंह रंधावा अपनी राजनीतिक हैसियत का इस्तेमाल कर जबरन इस जमीन पर कब्जा करना चाह रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकारी सर्वे टीम को उनके कोर्ट स्टे के आधार पर जमीन नापने से रोक दिया गया।
उधर, मार्केट कमेटी के चेयरमैन कुलदीप सिंह रंधावा ने इस आरोप को खारिज करते हुए पलटवार किया। उनका कहना है कि जिस जमीन को लेकर विवाद है, उसकी रजिस्ट्री वर्ष 1987 में उनके और उनके साले कर्मबीर सिंह के नाम दर्ज है। रंधावा ने आरोप लगाया कि सरपंच गुरशरण कौर ने उनकी जमीन पर जबरदस्ती चारदीवारी खड़ी कर दी है और उस पर धान की फसल भी लगा दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने राजस्व विभाग में आवेदन कर जमीन का सीमांकन कराने की मांग की थी, ताकि असली मालिक की पुष्टि हो सके, लेकिन सरपंच ने सर्वे नहीं करने दिया।
चेयरमैन ने कहा कि अगर सर्वे में साबित होता है कि जमीन सरपंच की है तो वह उन्हें सौंप दी जाए, और यदि उनके पक्ष में साबित होती है तो वे अपनी जमीन वापस लेना चाहेंगे।
विवाद के कारण गांव के लोग भी दो धड़ों में बंट गए हैं। मामले ने तूल पकड़ लिया है और अब सभी की नजरें इस पर टिकी हैं कि अदालत और प्रशासन इस विवाद का क्या हल निकालते हैं।





