पंजाब

सस्पेंडेड DIG भुल्लर: CBI कोर्ट ने मामले में आदेश नहीं बदला

Ratna Netam
28 April 2026 5:25 PM IST
सस्पेंडेड DIG भुल्लर: CBI कोर्ट ने मामले में आदेश नहीं बदला
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Punjab.पंजाब: पंजाब में सुरक्षा और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में एक अहम फैसला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की कोर्ट ने पंजाब के सस्पेंडेड डीआईजी (DIG) भुल्लर के खिलाफ जारी कॉग्निजेंस ऑर्डर को वापस लेने से इनकार कर दिया है। इस फैसले से यह स्पष्ट हो गया है कि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
भुल्लर के वकीलों ने कोर्ट में यह दलील दी थी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ जारी कॉग्निजेंस ऑर्डर में कुछ प्रक्रियागत त्रुटियाँ हैं और इसे वापस लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि आदेश जारी करने में उचित जांच और प्रमाणों का ध्यान नहीं रखा गया।
हालांकि, CBI कोर्ट ने इस दलील को खारिज कर दिया। कोर्ट का कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए और आरोपों की गंभीर प्रकृति के मद्देनजर कॉग्निजेंस ऑर्डर को बनाए रखना आवश्यक है। कोर्ट ने यह स्पष्ट किया कि कानून के अनुसार जांच पूरी होने तक आदेश को वापस नहीं लिया जा सकता।
सुप्रीम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के निर्णयों का हवाला देते हुए CBI कोर्ट ने कहा कि भ्रष्टाचार और कानून का उल्लंघन करने वाले अधिकारीयों के खिलाफ जांच और कार्यवाही में किसी प्रकार की ढील नहीं बरती जानी चाहिए। इस फैसले का मतलब है कि भुल्लर के खिलाफ आरोपों की जांच पूरी हो जाएगी और यदि सबूत मिले तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
भुल्लर मामले के विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला पंजाब पुलिस और कानून व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। वरिष्ठ अधिकारियों और सार्वजनिक प्रतिष्ठा वाले व्यक्तियों के खिलाफ जांच से यह संदेश जाता है कि कोई भी कानून के ऊपर नहीं है।
CBI के प्रवक्ता ने कहा कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाएगी और कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सभी पक्षों को सुनवाई का मौका दिया जाएगा और निष्पक्ष निर्णय सुनिश्चित किया जाएगा।
राजनीतिक और समाजिक हलकों में इस फैसले को अहम माना जा रहा है। विपक्षी दल और नागरिक संगठन इसे पंजाब में कानून व्यवस्था और सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही बनाए रखने की दिशा में सकारात्मक कदम के रूप में देख रहे हैं।
भुल्लर के वकीलों ने अभी यह संकेत नहीं दिया है कि वे कोर्ट के आदेश के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे या नहीं। हालांकि, यह केस अब भी कानूनी प्रक्रिया के अधीन है और आने वाले हफ्तों में इसके आगे की सुनवाई होगी।
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