
अबोहर: स्वदेशी जागरण मंच जिला फाजिल्का के संयोजक सुशील सियाग ढींगा वाली ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता की भावनाओं और जनमत का सम्मान करते हुए इस मामले में सख्त कदम उठाए हैं। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जिक्र करते हुए इसे सरकार की जवाबदेही का उदाहरण बताया।
सुशील सियाग ने कहा कि नीट पेपर लीक मामले ने देशभर के लाखों छात्रों को प्रभावित किया है। मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि पेपर लीक करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की दिशा में कदम उठाए हैं। सरकार ने इस तरह के अपराधों पर लगाम लगाने के लिए नए प्रावधान तैयार किए हैं, ताकि भविष्य में विद्यार्थियों को ऐसी समस्याओं का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पेपर लीक करने वालों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर जल्द से जल्द सजा दिलाने की जरूरत है।
सियाग ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेकर यह संदेश दिया है कि सरकार जनता की भावनाओं को गंभीरता से लेती है। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से विपक्ष की उस रणनीति को भी झटका लगा है, जिसमें छात्रों के मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा जा रहा था।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज सबसे महत्वपूर्ण होती है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार जनभावनाओं का सम्मान करते हुए फैसले लेते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में त्वरित कार्रवाई कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है।
सुशील सियाग ने आम आदमी पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग उठाई थी, लेकिन पंजाब में भी पेपर लीक से जुड़े मामले सामने आए हैं। उन्होंने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार से अपने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लेने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि अगर किसी राज्य में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामले सामने आते हैं तो वहां की सरकार को भी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही का सिद्धांत सभी सरकारों पर समान रूप से लागू होना चाहिए।
सियाग ने कहा कि देश के युवा और विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए वर्षों तक मेहनत करते हैं। ऐसे में पेपर लीक जैसी घटनाएं उनके विश्वास को नुकसान पहुंचाती हैं। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और पारदर्शी व्यवस्था बनाना समय की मांग है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा पेपर लीक रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों का समर्थन करते हुए कहा कि मजबूत कानून और सख्त कार्रवाई से ही भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार की सख्ती से छात्रों का विश्वास दोबारा मजबूत होगा और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।





